Samastipur News: जिला पुलिस को नशा तस्करों और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने मोहनपुर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित छापेमारी करते हुए नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त तीन शातिर अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है. ये शातिर अपराधी इलाके में एक चाय दुकान की आड़ में बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं और कैप्सूल की तस्करी को अंजाम दे रहे थे.
डीएसपी वीरेंद्र कुमार मेधावी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खोला राज
इस ब्लाइंड सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए डीएसपी (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी) वीरेंद्र कुमार मेधावी ने आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस को क्षेत्र में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री की गोपनीय सूचना मिली थी. सूचना के आलोक में प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें मोहिउद्दीननगर के बीडीओ, मोहनपुर थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार, अपर थानाध्यक्ष विनय कुमार, अनिल कुमार, पवन कुमार झा और धीरज कुमार सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. पुलिस टीम ने सबसे पहले जौनापुर स्थित एक चाय की दुकान पर अचानक छापेमारी की. वहाँ से पुलिस ने सुरेश राय (निवासी चपरा डुमरी, मोहनपुर) को दबोचा, जो चाय बेचने के बहाने ‘कोटा’ नामक प्रतिबंधित नशीला कैप्सूल बेच रहा था. पुलिस ने जब सुरेश राय से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसकी निशानदेही पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस धंधे के मुख्य सरगना विनोद राय (निवासी मोहनपुर) और बबलू कुमार को भी घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया.
101 प्रतिबंधित कैप्सूल और नगदी बरामद
पुलिस द्वारा तीनों तस्करों की तलाशी और उनके ठिकानों पर की गई कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ है. डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों के पास से कुल 101 पीस प्रतिबंधित ‘कोटा’ नशीला कैप्सूल, तस्करी की कमाई के 25 हजार रुपये नगद और अवैध डील में इस्तेमाल होने वाले दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. पुलिस अभिरक्षा में हुए कड़े अनुसंधान के दौरान तीनों गिरफ्तार अपराधियों ने नशीले पदार्थों के इस काले नेटवर्क में अपनी संलिप्तता और अपराध को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया है.
मुख्य आरोपी पर पहले से दर्ज हैं हत्या के प्रयास और गोलीबारी के केस
पकड़े गए अपराधियों का प्रोफाइल खंगालने पर पुलिस को इनके बेहद खतरनाक और पुराने आपराधिक इतिहास का पता चला है. डीएसपी वीरेंद्र कुमार मेधावी ने बताया कि मुख्य आरोपी विनोद राय एक दुस्साहसिक अपराधी है, जिस पर पूर्व में सरकारी चौकीदार पर जानलेवा गोली चलाने, नशीले पदार्थों का अवैध व्यापार करने, हत्या का प्रयास करने तथा एससी/एसटी (SC/ST) एक्ट के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं. इसके अलावा, दूसरे गिरफ्तार आरोपी बबलू कुमार पर भी मोहनपुर थाने में हत्या के प्रयास का एक संगीन मामला पहले से दर्ज है.
इसी नेटवर्क से जुड़े एक पुराने मामले का खुलासा करते हुए डीएसपी ने बताया कि इसी वर्ष 12 अप्रैल को बोचहा निवासी शुभम कुमार नामक युवक इसी तस्कर विनोद राय (पत्थर घाट) से नशीला पदार्थ खरीदकर लौट रहा था. इसी दौरान बलुआही चौक के समीप शुभम के पास रखे अवैध पिस्टल से अचानक मिसफायरिंग (स्वतः गोली) हो गई थी. उस वक्त खुद को बचाने के लिए शुभम ने चालाकी से अपने ही एक ग्रामीण को इस गोलीबारी के झूठे केस में फंसा दिया था, जिसकी कड़ियाँ भी इस गिरफ्तारी के बाद पूरी तरह जुड़ गई हैं.
समस्तीपुर से गिरिजा नंदन की रिपोर्ट
