समस्तीपुर से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट
Samastipur News: समस्तीपुर के स्कूलों में इन दिनों छात्राओं को माहवारी स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए खास अभियान चलाया जा रहा है. शिक्षा विभाग के निर्देश पर आयोजित इस पहल में शिक्षिकाओं ने बेटियों के साथ खुलकर संवाद किया. जिस विषय पर पहले छात्राएं बात करने से झिझकती थीं, उसी पर अब खुलकर सवाल पूछ रही हैं. स्कूलों में बने सहज माहौल ने किशोरियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति सजग बनने की सीख दी है.
झिझक छोड़ खुलकर बोलीं छात्राएं
जिले के अलग-अलग विद्यालयों में आयोजित जागरूकता सत्र के दौरान शिक्षिकाओं ने छात्राओं को बताया कि माहवारी कोई बीमारी या शर्म की बात नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन की एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है. छात्राओं को समझाया गया कि इस विषय पर घर और स्कूल में बिना संकोच बातचीत करनी चाहिए.
स्वच्छता और सुरक्षा के तरीके भी बताए
सत्र में छात्राओं को सेनेटरी पैड के सही इस्तेमाल, समय-समय पर पैड बदलने और सुरक्षित तरीके से निपटान की जानकारी दी गई. शिक्षिकाओं ने बताया कि गंदे कपड़ों के इस्तेमाल से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा पीरियड्स के दौरान होने वाले पेट दर्द, कमजोरी और मूड स्विंग जैसी समस्याओं से बचाव के उपाय भी बताए गए.
पोषण और स्वास्थ्य पर दिया गया जोर
शिक्षिकाओं ने छात्राओं को संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह दी. बताया गया कि सही खानपान और जागरूकता से माहवारी के दौरान होने वाली कई परेशानियों को कम किया जा सकता है.
जागरूकता सत्र के बाद दिखा बदलाव
कार्यक्रम के अंत तक छात्राओं का आत्मविश्वास साफ नजर आया. शुरुआत में चुप रहने वाली कई छात्राओं ने खुलकर सवाल पूछे और अपनी समस्याएं साझा कीं. इस दौरान छात्राओं के बीच सेनेटरी पैड का वितरण भी किया गया. शिक्षकों का कहना है कि यह पहल बेटियों को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.
शिक्षिका ने क्या कहा
विद्यापति प्लस टू उच्च विद्यालय, बाजिदपुर उत्तर की शिक्षिका वीणा कुमारी ने कहा कि जब तक बेटियां अपने स्वास्थ्य और शरीर से जुड़े विषयों पर खुलकर बात नहीं करेंगी, तब तक समाज पूरी तरह जागरूक नहीं बन सकता. उन्होंने कहा कि यह अभियान छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने का काम कर रहा है.
