समस्तीपुर: एलएनएमयू ने बदले इंटर्नशिप नियम, अब छात्र खुद चुन सकेंगे फर्म

Samastipur News: एलएनएमयू ने इंटर्नशिप को लेकर नया नियम लागू किया है. अब छात्र खुद फर्म चुन सकेंगे, लेकिन फर्जी संस्था मिलने पर कॉलेज जिम्मेदार होंगे. विश्वविद्यालय ने छात्रों के आर्थिक शोषण पर भी सख्त रुख अपनाते हुए पारदर्शी करने की बात कही है. पढे़ं पूरी खबर…

समस्तीपुर से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट

Samastipur News: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू) ने इंटर्नशिप व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब छात्र-छात्राएं अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार खुद किसी फर्म, कंपनी या संस्था का चयन कर इंटर्नशिप कर सकेंगे. हालांकि विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को भी साफ चेतावनी दी है कि यदि चुनी गई संस्था फर्जी या गैर-कार्यशील पाई गई, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित कॉलेज प्रशासन की होगी. विश्वविद्यालय के इस फैसले को छात्रों के हित और पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

बिना अनुमति एमओयू नहीं होगा मान्य

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी कॉलेज यदि किसी कंपनी या संस्था के साथ इंटर्नशिप के लिए नया समझौता ज्ञापन (एमओयू) करना चाहता है, तो पहले उसे विश्वविद्यालय से प्रशासनिक स्वीकृति लेनी होगी. बिना अनुमति किए गए किसी भी एमओयू को मान्यता नहीं दी जाएगी. कॉलेजों को जरूरी दस्तावेज और प्रस्ताव ईमेल के जरिए विश्वविद्यालय को भेजना होगा.

छात्रों के शोषण पर विश्वविद्यालय सख्त

एलएनएमयू ने सभी प्राचार्यों और नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इंटर्नशिप के दौरान छात्रों का किसी भी प्रकार का आर्थिक शोषण नहीं होना चाहिए. विश्वविद्यालय ने कहा है कि छात्रों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलना जरूरी है. साथ ही उन संस्थानों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जो इंटर्नशिप के दौरान छात्रों को मानदेय देती हैं या निशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराती हैं.

पहले से इंटर्नशिप कर रहे छात्र खुद होंगे जिम्मेदार

विश्वविद्यालय ने यह भी साफ किया है कि जो छात्र पहले से किसी संस्था में इंटर्नशिप कर रहे हैं, वे अपनी जिम्मेदारी पर वहां प्रशिक्षण जारी रख सकते हैं. कुलपति के आदेश पर जारी यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.

सभी कॉलेजों को भेजा गया निर्देश

इस संबंध में जारी अधिसूचना की प्रति विश्वविद्यालय के सभी प्राचार्यों, इंटर्नशिप नोडल पदाधिकारियों, परीक्षा नियंत्रक और आईटी सेल को भेज दी गई है. विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से इंटर्नशिप के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और छात्रों को सुरक्षित व पारदर्शी व्यवस्था मिल सकेगी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Aniket Kumar

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >