समस्तीपुर से गिरिजा नंदन शर्मा की रिपोर्ट
Samastipur News: “खुश रहकर खुश देखना चाहते हैं सबको हम, लापरवाह हैं ख़ुद के लिए, पर सबको याद करते हैं हम…” जैसी खूबसूरत और मर्मस्पर्शी रचनाओं से केंद्रीय विद्यालय के समीप स्थित कुसुम सदन का प्रांगण गूंज उठा. मौका था कुसुम पाण्डेय स्मृति साहित्य संस्थान द्वारा आयोजित भव्य भव्य काव्य सम्मेलन का, जिसमें समस्तीपुर सहित दूर-दूर से आए प्रतिष्ठित रचनाकारों और साहित्यकारों का महाजुटान हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी नवगीत के प्रमुख हस्ताक्षर हरि नारायण सिंह हरि ने की, जबकि संचालन प्रवीण कुमार चुन्नू ने किया.
दिग्गज साहित्यकारों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
सम्मेलन की शुरुआत डॉ. राम सूरत प्रियदर्शी द्वारा प्रस्तुत मां सरस्वती की वंदना से हुई. इसके बाद संस्थान के अध्यक्ष शिवेंद्र कुमार पाण्डेय ने मई महीने में जन्मे हिंदी साहित्य के महान आधार स्तंभों- डॉ. केदारनाथ लाभ, सुमित्रानंदन पंत, शरद जोशी और गुरुदेव रवींद्रनाथ ठाकुर जैसी विभूतियों के कृतित्व पर चर्चा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. साथ ही, हाल ही में दिवंगत हुए अंतरराष्ट्रीय शायर बशीर बद्र और सुप्रसिद्ध संगीतकार राम स्वार्थ मतवाला को भी नमन किया गया.
‘प्रेम वियोग’ कृति का लोकार्पण और शानदार प्रस्तुतियां
इस साहित्यिक उत्सव के दौरान डॉ. परमानन्द लाभ की नवीनतम पुस्तक ‘प्रेम वियोग’ का समवेत रूप से लोकार्पण किया गया. सम्मेलन में देशभक्ति, भजन, गजल, हास्य-व्यंग्य के साथ-साथ भोजपुरी और मैथिली रचनाओं की शानदार प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं. काव्य पाठ करने वालों में डॉ. रामेश गौरीश, राज कुमार राय, विष्णु कुमार केडिया, काविश जमाली, रंजना लता और रिंकू शर्मा सहित कई दिग्गज शामिल रहे. अंत में शैलजा कनिष्ठा ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया.
