समस्तीपुर से गिरिजा नंदन शर्मा की रिपोर्ट
Samastipur News: तकनीक और नवाचार जब सामाजिक सरोकार से जुड़ते हैं, तो बड़े बदलाव की नींव पड़ती है. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है प्रखंड के नरघोघी स्थित राजकीय सरकारी अभियंत्रण महाविद्यालय (इंजीनियरिंग कॉलेज) के छात्रों ने. कॉलेज के विद्युत अभियंत्रण (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) विभाग के अंतिम वर्ष के छात्रों ने अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए एक ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ (IoT) आधारित ‘स्मार्ट व्हीलचेयर’ का विकास किया है. यह आविष्कार आने वाले समय में दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के लिए वरदान साबित हो सकता है.
सामान्य व्हीलचेयर को दिया ‘स्मार्ट’ रूप, स्मार्टफोन से होगी कंट्रोल
इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए किसी महंगी मशीनरी की जगह एक साधारण मैनुअल व्हीलचेयर का इस्तेमाल किया गया है. छात्रों ने आधुनिक एम्बेडेड सिस्टम एवं आईओटी तकनीक की सहायता से इसे पूरी तरह से स्मार्ट इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर में बदल दिया है. इस पूरी प्रणाली का मुख्य नियंत्रण ईएसपी 32 माइक्रोकंट्रोलर द्वारा किया जाता है. इसमें इन-बिल्ट वाई-फाई एवं ब्लूटूथ की सुविधा उपलब्ध है. व्हीलचेयर के पहियों को गति देने के लिए इसमें डीसी मोटर और बीटीएस 7960 हाई-पावर मोटर ड्राइवर मॉड्यूल लगाए गए हैं. मरीज या उनका कोई सहायक एक विशेष स्मार्टफोन एप्लिकेशन की मदद से इसे दूर बैठकर भी आसानी से संचालित कर सकता है.
इन होनहार छात्रों ने किया निर्माण, कॉलेज प्रशासन ने थपथपाई पीठ
इस अभूतपूर्व परियोजना को विद्युत अभियंत्रण विभाग के अंतिम वर्ष के पांच होनहार छात्रों सौरव कुमार शर्मा, संदीप कुमार, अंगराज कुमार, रूपेश कुमार और राहुल कुमार की टीम ने मिलकर तैयार किया है. इस पूरी परियोजना का सफल मार्गदर्शन प्रो. शिवा राम कृष्ण द्वारा किया गया. प्रोजेक्ट के मूल्यांकन के दौरान बाह्य परीक्षक के रूप में प्रो. अजनीश कुमार भी मौजूद रहे. छात्रों की इस सफलता पर कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. दीपक कुमार मंडल और विभागाध्यक्ष प्रो. कुमार सागर ने बधाई देते हुए कहा कि यह संस्थान नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है.
