समस्तीपुर से प्रकाश कुमार की रिपोर्ट
Samastipur News: समस्तीपुर जिले में सरकारी स्कूलों के जर्जर भवन अब बच्चों की जान के लिए खतरा बनते जा रहे हैं. इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है. वर्षों से खंडहर बने पड़े स्कूल भवनों को अब ध्वस्त किया जाएगा. बिहार शिक्षा परियोजना समस्तीपुर की ओर से संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर जर्जर भवनों का भौतिक सत्यापन रिपोर्ट सौंपने का अंतिम निर्देश दिया गया है.
बच्चों की सुरक्षा को लेकर विभाग सख्त
शिक्षा विभाग का कहना है कि कई स्कूलों में जर्जर और अनुपयोगी भवन हादसे को न्योता दे रहे हैं. इन भवनों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. इतना ही नहीं, खंडहर हो चुके कमरे स्कूल परिसर की साफ-सफाई और खेलकूद गतिविधियों में भी बाधा बन रहे हैं. विभाग ने साफ कर दिया है कि ऐसे भवनों में अब किसी भी हाल में पढ़ाई नहीं कराई जाएगी.
पहले भी दिए गए थे निर्देश
कार्यालय आदेश में कहा गया है कि पहले भी कई बार जर्जर भवनों को हटाने और जमीन समतल करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन कई विद्यालयों में अब तक कार्रवाई नहीं हुई. इसे गंभीर लापरवाही माना गया है. अब संबंधित अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है.
मलबे की होगी खुली नीलामी
विभाग ने जर्जर भवनों को तोड़ने के बाद निकलने वाली सामग्री की खुली नीलामी का भी आदेश दिया है. इसमें लोहा, ईंट, चौखट और अन्य उपयोगी सामान शामिल होंगे. प्राथमिक विद्यालयों से मिलने वाली राशि सरकार के खाते में जमा होगी, जबकि उच्च विद्यालयों की राशि विद्यालय विकास कोष में जाएगी.
समितियों को दी गई जिम्मेदारी
विद्यालय शिक्षा समिति और विद्यालय प्रबंधन विकास समिति को एक सप्ताह के भीतर बैठक कर प्रस्ताव पारित करने और समतलीकरण कार्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने चेतावनी दी है कि लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई तय है.
