Samastipur News: सर्राफा बाजार में हाहाकार,सोने की बिक्री 90 फीसदी गिरने से स्वर्ण व्यवसायी दाने-दाने को मोहताज

Samastipur News: समस्तीपुर के गुदरी बाजार में स्वर्णकार एवं कारीगर संघ की बैठक. पीएम की अपील के बाद सोने की बिक्री में 90% की गिरावट. चोरी और लूट के जेवरात के डर से पुराना सोना खरीदने से कतरा रहे व्यवसायी, गिरिजानन्दन शर्मा की रिपोर्ट. जानिए खबर विस्तार से…

Samastipur News: शहर का मुख्य सर्राफा केंद्र ‘गुदरी बाजार’ इन दिनों एक अभूतपूर्व आर्थिक मंदी और प्रशासनिक डर के साये में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक साल के लिए नए सोने की खरीद से परहेज करने और केवल पुराने गहनों को ही बदलकर (फेर-बदल कर) नए आभूषण लेने की अपील के बाद से स्थानीय बाजार में सोने-चांदी की बिक्री पूरी तरह औंधे मुंह गिर गई है. इस गंभीर संकट को लेकर शनिवार को गुदरी बाजार में स्वर्ण व्यवसायियों की एक आपात और महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्राफा कारोबारियों ने अपने डूबते व्यापार और सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की.

80 से 90 प्रतिशत तक गिरा कारोबार

इस विशेष बैठक की अध्यक्षता ‘स्वर्णकार एवं कारीगर संघ’ के अध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता ने की. बैठक में अपनी बात रखते हुए वरिष्ठ स्वर्ण व्यवसायी प्रमोद कुमार और अन्य व्यापारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री की अपील का बाजार पर इतना गहरा और नकारात्मक असर पड़ा है कि इन दिनों सोने और चांदी के आभूषणों की बिक्री में 80 से 90 प्रतिशत तक की ऐतिहासिक गिरावट आ चुकी है. अमूमन इस सीजन में गुलजार रहने वाली दुकानें अब ग्राहकों के इंतजार में सूनी पड़ी हैं, जिससे करोड़ों रुपये का टर्नओवर ठप हो गया है और व्यवसायियों के सामने दुकान का खर्च व कारीगरों की मजदूरी निकालना मुश्किल हो रहा है.

दुकानदारों में पुलिसिया कार्रवाई का खौफ

बैठक में व्यवसायियों ने उस जमीनी और कानूनी संकट को साझा किया, जिसके कारण वे पुराने सोने को खरीदने या बदलने से कतरा रहे हैं. कारोबारियों ने साफ कहा कि वे पुराने जेवरात की खरीद को लेकर बुरी तरह डरे हुए हैं. उन्हें सबसे बड़ा डर इस बात का सता रहा है कि पुराना सोना बेचने आने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान क्या है.

व्यवसायियों के अनुसार, कई बार शातिर अपराधी भी बेहद शरीफ और संभ्रांत बनकर लूट या चोरी का सोना-चांदी दुकानों पर बेचने आ जाते हैं. इतना ही नहीं, कई पारिवारिक मामलों में पति भी अपनी पत्नी के गहने उसकी मर्जी के बिना चुराकर बेचने चले आते हैं. ऐसे संदिग्ध मामलों में अनजाने में सोना खरीदने के बाद सर्राफा व्यवसायियों को भारी कानूनी पचड़ों और अनावश्यक पुलिसिया प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है. पुलिस बिना सच्चाई जाने सीधे दुकानों पर छापेमारी करने पहुंच जाती है. हालांकि बाद में जांच-पड़ताल में व्यवसायी निर्दोष साबित हो भी जाएं, तो भी समाज और बाजार में उनकी बरसों की कमाई प्रतिष्ठा धूमिल हो जाती है.

सरकार और जिला प्रशासन जारी करे स्पष्ट गाइडलाइन

इस गंभीर समस्या पर चिंता जताते हुए संघ के अध्यक्ष विजय कुमार गुप्ता ने सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है. उन्होंने कहा कि पुराने सोने-चांदी की खरीद और एक्सचेंज (बदलाव) को लेकर गृह विभाग या स्थानीय प्रशासन को एक स्पष्ट गाइडलाइन (नियमावली) जारी करनी चाहिए, ताकि सर्राफा व्यवसायियों का व्यापारिक व कानूनी हित सुरक्षित रहे और वे बिना किसी डर के शांति से अपना कारोबार कर सकें.

वहीं, युवा स्वर्ण व्यवसायी शिवम कुमार ने तकनीकी पहलू को उठाते हुए कहा कि एक आम दुकानदार के लिए यह समझना नामुमकिन है कि सामने खड़ा विक्रेता किस पृष्ठभूमि का आदमी है और जो जेवरात वह लाया है, वह वैध है या अवैध. इसलिए सरकार को इस समस्या के समाधान का कोई ठोस डिजिटल या प्रशासनिक रास्ता निकालना चाहिए. इस महत्वपूर्ण बैठक में संघ के सचिव रवि गुप्ता, अर्जुन कुमार, मनीष कुमार, आनंद कुमार, अश्वनी कुमार गुप्ता, अजय कुमार गुप्ता और संत कुमार सहित दर्जनों प्रमुख स्वर्ण व्यवसायी और कारीगर मौजूद रहे.

समस्तीपुर से गिरिजानन्दन शर्मा की रिपोर्ट

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Published by: Purushottam Kumar

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