Samastipur News: जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर दी जाने वाली पोशाक और बर्तनों की गुणवत्ता बेहद घटिया है. इसके साथ ही इनकी तय संख्या में भी भारी कटौती की जा रही है. इसके खिलाफ आंगनबाड़ी सेविकाओं ने जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (डीपीओ) को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है.
पोशाक की गुणवत्ता खराब, संख्या में कटौती
बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की जिला महासचिव विनीता कुमारी द्वारा डीपीओ आईसीडीएस को दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, जीविका द्वारा बाल विकास कार्यालय को जो बच्चों के यूनिफॉर्म उपलब्ध कराए जा रहे हैं, उनकी गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की है. नियमानुसार प्रति केंद्र नामांकित बच्चों के हिसाब से दो सेट (कुल 80 पीस) पोशाक दी जानी थी. लेकिन जीविका द्वारा मनमाने ढंग से कहीं 30, कहीं 35, तो कहीं 40 सेट ही पोशाक दी जा रही है. बच्चों की उम्र के अनुकूल साइज नहीं होने से वितरण करना असंभव हो गया है.
बर्तनों की कम संख्या से परेशानी
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि केंद्रों पर मुहैया कराए जा रहे बर्तन भी पूरी तरह घटिया दर्जे के हैं. 40 नामांकित बच्चों के अनुपात में मिलने वाली थाली, ग्लास और चम्मच की संख्या काटकर सिर्फ 30 या उससे भी कम दी जा रही है. बर्तनों की कम संख्या के कारण बच्चों को खाना परोसने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सेविकाओं ने डीपीओ से गुहार लगाई है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों को चिन्हित किया जाए और केंद्रों पर सही संख्या में गुणवत्तापूर्ण सामान उपलब्ध कराया जाए.
समस्तीपुर से गिरिजा नंदन शर्मा की रिपोर्ट
