समस्तीपुर: आदर्श नगर मोहल्ले के रोड नंबर 2ए में नगर निगम और संवेदक ठेकेदार की लापरवाही के कारण आम लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. मोहल्ले में नाला निर्माण के नाम पर महीनों पहले सड़क को तोड़ दिया गया, लेकिन इसके बाद काम आधा-अधूरा छोड़ दिया गया. इससे पूरा इलाका हादसे की आशंका के बीच जी रहा है.
स्थानीय निवासियों के अनुसार, नाला निर्माण के लिए सड़क के कुछ हिस्सों में मजबूत पीपीसी रोड को उखाड़कर छोड़ दिया गया है, जबकि आधी सड़क में गहरे गड्ढे खोदकर छोड़ दिये गये हैं. बारिश और नालियों के पानी से ये गड्ढे अब पूरी तरह भर चुके हैं. ऐसे में थोड़ी भी असावधानी होने पर राहगीर या बाइक चालक गहरे गड्ढों में गिर सकते हैं.
सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को झेलनी पड़ रही है. स्थानीय लोगों के लिए दैनिक आवाजाही जोखिम भरी हो गयी है.
मच्छरों का प्रकोप और सड़ांध से बीमारी की आशंका
सड़क के बीचों-बीच नाला निर्माण के लिए खोदे गये गड्ढों में महीनों से गंदा पानी जमा है. नाले के कचरे के कारण पूरे मोहल्ले में असहनीय बदबू फैली हुई है. जलजमाव की वजह से बड़े पैमाने पर मच्छर पनप रहे हैं, जिससे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका स्थानीय लोग जता रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे एक ओर हादसे के डर में जी रहे हैं, तो दूसरी ओर जलजमाव और गंदगी के कारण बीमारियों के फैलने की आशंका भी बनी हुई है.
संवेदक की कार्यशैली से लोगों में आक्रोश
निर्माण कार्य में हो रहे अनावश्यक विलंब और ठेकेदार की कार्यशैली से मोहल्लेवासियों में भारी आक्रोश है. निवासियों का आरोप है कि ठेकेदार काम शुरू करने के बाद गायब हो गया है और नगर निगम के प्रशासनिक अधिकारी भी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है.
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ठेकेदार पर अविलंब कार्रवाई की जाये और ठप पड़े नाला निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा कराया जाये. जब तक निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक सुरक्षा के लिहाज से गड्ढों के आसपास बैरिकेडिंग और सांकेतिक बोर्ड लगाने की मांग की गयी है.
इसके अलावा जमा पानी की निकासी कराने के साथ ब्लीचिंग पाउडर और मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव कराने की भी मांग की गयी है. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम प्रशासन ने समस्या का जल्द स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो वे उग्र आंदोलन और सड़क जाम करने के लिए बाध्य होंगे.
शिकायत मिलते ही कार्रवाई का आश्वासन
नगर निगम के आयुक्त गौतम कुमार ने कहा कि इस तरह की लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जायेगी. कार्यपालक अभियंता के नेतृत्व में टीम गठित की गयी है. इस तरह के मामले की जांच कर कार्रवाई की जायेगी.
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