समस्तीपुर: स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित ‘इंस्पायर मानक अवार्ड’ योजना में जिले की धीमी रफ्तार को गति देने के लिए शिक्षा विभाग ने कवायद तेज कर दी है. योजना के तहत नामांकन और विज्ञान आधारित आइडिया अपलोड करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 10 अक्टूबर कर दिया गया है. इससे सरकारी और निजी विद्यालयों को अधिक से अधिक विद्यार्थियों के मौलिक वैज्ञानिक विचार पोर्टल पर दर्ज कराने का अतिरिक्त समय मिल गया है.
समस्तीपुर में अब तक 1,251 नामांकन
मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, निर्धारित अवधि तक जिले में कुल 1,251 विद्यार्थियों के नामांकन दर्ज किए जा चुके हैं. हालांकि, राज्य के अन्य जिलों की तुलना में समस्तीपुर का यह आंकड़ा काफी पीछे है.
वर्तमान में मुजफ्फरपुर 6,745 नामांकन के साथ पहले स्थान पर है. बांका में 5,336 और रोहतास में 5,271 नामांकन दर्ज किए गये हैं.
खानपुर सबसे आगे, दलसिंहसराय दूसरे स्थान पर
समस्तीपुर जिले में प्रखंडवार नामांकन की बात करें तो खानपुर से 188, दलसिंहसराय से 126, विद्यापतिनगर से 106, विभूतिपुर से 96 और रोसड़ा से 85 विद्यार्थियों के नामांकन अब तक दर्ज किये गये हैं.
जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता ने जिले की स्थिति पर असंतोष जताते हुए सभी विज्ञान शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को योजना में सक्रिय रुचि लेने का निर्देश दिया है. डीईओ ने कहा है कि कई विद्यालयों की ओर से अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई जा रही है. इसे देखते हुए डीपीओ स्तर से संबंधित विद्यालयों को पहले ही चेतावनी सह स्मरण पत्र जारी किया जा चुका है.
कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थी ले सकते हैं हिस्सा
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान की ओर से संयुक्त रूप से संचालित यह योजना कक्षा 6 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए है. इसका उद्देश्य बच्चों की रचनात्मकता को सामने लाना और उन्हें अपने आसपास की सामाजिक एवं व्यावहारिक समस्याओं के मौलिक और उपयोगी समाधान तलाशने के लिए प्रेरित करना है.
योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को उनके वैज्ञानिक विचारों को आगे विकसित करने और मॉडल का रूप देने के लिए 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता पुरस्कार के रूप में प्रदान की जाती है.
10 अक्टूबर तक अधिक से अधिक नामांकन कराने का निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालय प्रमुखों से बढ़ी हुई समयसीमा का सदुपयोग करने और अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की है. विभाग का उद्देश्य जिले के प्रदर्शन में सुधार लाना है, ताकि अधिक विद्यार्थियों के वैज्ञानिक विचार राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता तक पहुंच सकें.
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