Samastipur Flood: 3 प्रखंडों में 2.33 लाख लोग प्रभावित, 58 रसोई और 192 नावों से राहत अभियान तेज

समस्तीपुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चला रहा है. 2.33 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं, जिनके लिए 58 सामुदायिक रसोई, 18 मेडिकल कैंप और 192 नावों की मदद से सहायता पहुंचाई जा रही है.

समस्तीपुर जिले के बाढ़ प्रभावित मोहनपुर, मोहिउद्दीननगर एवं विद्यापतिनगर प्रखंडों में जिला प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किये जा रहे हैं. प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों की जरूरत के अनुसार विभिन्न स्तरों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं.

वर्तमान में इन तीनों प्रखंडों में करीब 2,33,212 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने और उन्हें भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 58 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं. इन रसोइयों के माध्यम से अब तक करीब 25,858 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है.

31 हजार से अधिक पॉलिथीन शीट का वितरण

बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के उद्देश्य से अब तक 31,398 पॉलिथीन शीट का वितरण किया जा चुका है. इससे प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय और बारिश से बचाव में मदद मिल रही है.

सामुदायिक रसोइयों में गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है.

18 मेडिकल कैंप में मिल रही स्वास्थ्य सुविधा

स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाये रखने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में 18 मेडिकल कैंप संचालित किये जा रहे हैं. इन शिविरों में बाढ़ प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करायी जा रही हैं.

स्वास्थ्य विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने और आवश्यकता के अनुसार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.

पशुओं के लिए 17 राहत व शेड कैंप

बाढ़ से प्रभावित पशुओं की सुरक्षा और रख-रखाव के लिए 17 पशु राहत व शेड कैंप बनाये गये हैं. पशुओं के लिए चारा और भूसा की व्यवस्था भी लगातार की जा रही है.

अब तक 216 क्विंटल भूसा एवं पशु चारा वितरित किया जा चुका है. प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार प्रतिदिन पशु चारा उपलब्ध कराया जा रहा है.

पशुओं के उपचार के लिए 17 पशु चिकित्सा कैंप भी संचालित किये जा रहे हैं. इन कैंपों के माध्यम से अब तक 264 पशुओं को आवश्यक दवा और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा चुकी है.

192 नावों से आवागमन और राहत कार्य

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और राहत-बचाव कार्यों को सुचारु रखने के लिए कुल 192 नावों का परिचालन किया जा रहा है. इन नावों के माध्यम से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ राहत सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है.

जिला प्रशासन के अनुसार, नावों का परिचालन मोहनपुर, हसनपुर एवं विद्यापतिनगर प्रखंडों के प्रभावित क्षेत्रों में किया जा रहा है.

प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील

जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है और आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज किया जा रहा है. प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना, समय पर भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, आश्रय और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराना तथा पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि बाढ़ की स्थिति में जारी निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक रूप से जोखिम वाले क्षेत्रों में न जाएं. किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन एवं नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की अपील की गयी है.

यह भी पढ़ें

स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस शराब कांड: नेहा का नहीं मिला आपराधिक रिकॉर्ड, ईशान की भूमिका पर भी उठे सवाल

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Girija nandan sharma

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >