Samastipur Sadar Hospital: बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के जिला सदर अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार और सुदृढ़ीकरण करने का बड़ा फैसला लिया है. इसी क्रम में समस्तीपुर सदर अस्पताल पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए यहां 24 घंटे इमरजेंसी, एसएनसीयू, आईसीयू और ट्रयाज सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा रहा है. निदेशालय स्वास्थ्य सेवाएं बिहार के आदेशानुसार अब समस्तीपुर सदर अस्पताल में सामान्य शल्य चिकित्सा, ऑर्थोपेडिक, स्त्री एवं प्रसूति रोग, आंख, कान-नाक-गला तथा दंत चिकित्सा से जुड़ी बुनियादी और जटिल शल्य क्रियाएं सुनिश्चित की जाएंगी.
Bihar health department: विभिन्न विभागों में मिलेंगी आधुनिक चिकित्सीय और शल्य चिकित्सा सेवाएं
जनरल सर्जरी के तहत हर्निया, अपेंडिक्स, हाइड्रोसील, भगंदर, गांठ निकालना, बवासीर, गॉल ब्लैडर, स्तन की गांठ और त्वचा प्रत्यारोपण की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी. हड्डियों के इलाज के लिए प्लास्टर, इंटरलॉकिंग नेल, प्लेटिंग, फ्रैक्चर, एम्प्यूटेशन और ऑस्टियोमाइलाइटिस का उपचार किया जाएगा. इसके साथ ही स्त्री एवं प्रसूति रोग में सिजेरियन प्रसव, बच्चेदानी का ऑपरेशन, एक्टोपिक प्रेगनेंसी, ओवेरियन सिस्ट, नसबंदी और डीएंडसी की सुविधा मिलेगी.
नेत्र, ईएनटी और दंत चिकित्सा का होगा उन्नत उपचार
नेत्र रोग विभाग में मोतियाबिंद का ऑपरेशन, ग्लूकोमा, टेरिजियम और पलकों की मरम्मत की सुविधा उपलब्ध होगी. कान-नाक-गला यानी ईएनटी विभाग में कान का पर्दा, टॉन्सिल, मस्टॉयडेक्टॉमी, नाक व गले से बाहरी वस्तु निकालना और श्वास नली की सर्जरी संभव हो सकेगी. दंत चिकित्सा के अंतर्गत रूट कैनाल ट्रीटमेंट, दांत निकालना व भरना, सफाई, बच्चों के दांतों का इलाज और ओरल कैंसर की स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाएगी.
आयुष्मान योजना का लाभ और रेफर मामलों में आएगी कमी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान भारत योजना से आच्छादित मरीजों को सदर अस्पताल में ही इलाज और ऑपरेशन की संपूर्ण सुविधा दी जाएगी. इससे गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और बाहर रेफर किए जाने वाले मरीजों की संख्या में भारी कमी आएगी. नागरिकों की जानकारी के लिए अस्पताल के बाहर सभी ऑपरेशनों की सूची का डिस्प्ले बोर्ड लगाया जाएगा.
आशा और ममता कार्यकर्ताओं के माध्यम से होगा व्यापक प्रचार-प्रसार
क्षेत्र में कार्यरत आशा और ममता कार्यकर्ताओं के माध्यम से इन स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाएगा ताकि आम जनता को इसकी पूरी जानकारी मिल सके. इस पूरी प्रक्रिया की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा की जाएगी तथा जिले से हर 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी.
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