Rosera Literary Event: रोसड़ा में साहित्य और संस्कृति की समृद्ध परंपरा के तहत महाकवि आरसी प्रसाद सिंह की जयंती सह वार्षिकोत्सव समारोह का भव्य आयोजन किया गया. समारोह में पुस्तक प्रदर्शनी, साहित्यिक कृतियों के विमोचन, विद्वानों के सारगर्भित संबोधन और कवि सम्मेलन का अद्भुत संगम देखने को मिला. कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध साहित्यकार प्रो. हरि नारायण सिंह ‘हरि’ ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
पुस्तक प्रदर्शनी और दो नई कृतियों का लोकार्पण
पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पुस्तक प्रदर्शनी का उद्घाटन बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी ललित कुमार सिंह ने फीता काटकर किया. इस दौरान दो महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण भी हुआ. इनमें वरिष्ठ पत्रकार व महासचिव संजीव कुमार सिंह की पुस्तक 'मानव जीवन: एक काव्य यात्रा' और संस्था के अध्यक्ष अनिरुद्ध झा ‘दिवाकर’ की पुस्तक 'गीत गूंजन' शामिल हैं.
समारोह की प्रमुख विशेषताएं
- अध्यक्षता व संचालन: कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ विद्वान प्रो. शिव शंकर प्रसाद सिंह ने की, जबकि मंच संचालन संजीव कुमार सिंह ने किया.
- सरस्वती वंदना व स्वागत: कवि मनोज कुमार झा ‘शशि’ और तृप्ति नारायण झा ने वंदना प्रस्तुत की, वहीं अनिरुद्ध झा ने स्वागत भाषण दिया.
- अतिथियों का विचार: मुख्य अतिथि डॉ. भास्कर ज्योति ने कहा कि आरसी बाबू की रचनाएं मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों का दर्पण हैं.
कवि सम्मेलन में कवियों ने बांधा समां
समारोह के उत्तरार्ध में आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने कविता, गीत और गजलों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. काव्य पाठ करने वालों में प्रमुख रूप से रमेश गामी, कृष्ण कुमार लाखोटिया, नरेंद्र सिंह त्यागी, संगीता चौरसिया, रंजना लता, डॉ. सच्चिदानंद पाठक, राम स्वरूप सहनी, मैथिली माधव, चंद्र भूषण राय, नक्की समस्तीपुर और पंकज पांडेय शामिल रहे. वक्ताओं ने महाकवि की साहित्यिक विरासत को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया.
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