समस्तीपुर: उजियारपुर थाना क्षेत्र में निजी वेयर हाउसिंग कंपनी पर किसानों का करीब 42 लाख रुपये से अधिक मूल्य का गेहूं, मक्का और धान बेचकर रुपये नहीं लौटाने का आरोप लगा है. मामले में महेशपट्टी निवासी काजी शकील एकता और मो. आदिल ने उजियारपुर थाना में गबन का केस दर्ज कराया है. दोनों ने ठगी गयी राशि कंपनी से वापस कराने का भी अनुरोध किया है.
किसानों ने कई लोगों को बनाया आरोपी
थाना में दिये गये आवेदन के अनुसार, दिल्ली के नोएडा स्थित कंपनी आर्या कोलेटरल वेयरहाउसिंग सर्विस प्राइवेट लिमिटेड की सहयोगी संस्था मेसर्स आर्यन फिनांसियल सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के कर्ता-धर्ता ताजपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर दिघरुआ निवासी मो. अव्वास समसी के पुत्र तोशिफ आलम और उनके पुत्र ओसमबीन तौफीक को आरोपी बनाया गया है.
इसके अलावा आर्या कोलेटरल वेयरहाउसिंग सर्विस के एमडी, कंपनी के ऑपरेशन हेड प्रकाश शुक्ला, बिहार राज्य आर्या कोलेटरल वेयरहाउसिंग और कंपनी के हेड प्रभात कुमार को भी आरोपी बनाया गया है.
41.60 लाख रुपये से अधिक के अनाज का मामला
आवेदकों के अनुसार, महेशपट्टी स्थित किसान कोल्ड स्टोरेज परिसर में कंपनी ने किराये पर वेयर हाउस लिया था. इसी वेयर हाउस में काजी शकील एकता का करीब 27 लाख 60 हजार रुपये और मो. आदिल का करीब 14 लाख रुपये मूल्य का गेहूं, मक्का और धान भंडारित था. दोनों की राशि मिलाकर यह करीब 41 लाख 60 हजार रुपये होती है.
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 16 मार्च 2026 को आरोपितों ने वेयर हाउस में रखा सारा खाद्यान्न बेच दिया और किसानों के रुपये लौटाये बिना फरार हो गये. इसके बाद कई बार राशि की मांग करने पर आरोपी टालमटोल करते रहे.
अनाज भंडारण के बदले लिया जाता था किराया
बताया गया है कि संबंधित कंपनी किसानों के अनाज के भंडारण और रखरखाव के एवज में प्रति क्विंटल निर्धारित किराया लेती थी. करार के अनुसार, अनाज बेचने के समय किराये की राशि काटकर शेष रकम किसानों को वापस की जानी थी. इसी व्यवस्था के तहत किसानों ने अपना गेहूं, मक्का और धान वेयर हाउस में रखा था.
पुलिस ने दर्ज किया केस
उजियारपुर थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि ठगी की सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
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