समस्तीपुर के मोरवा में पानी के लिए त्राहिमाम, एनएच-322 पर खाली बर्तन लेकर उतरे आक्रोशित लोग

समस्तीपुर के मोरवा प्रखंड में पीने के पानी की गंभीर समस्या से तंग आकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने सड़क पर उतरकर NH-322 को जाम कर दिया. अधिकारियों की उपेक्षा से नाराज लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

Samastipur water crisis: समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड अंतर्गत सारंगपुर पश्चिमी पंचायत के वार्ड संख्या 4 में विगत कई वर्षों से जारी पेयजल किल्लत से तंग आकर ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया. अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की लगातार उपेक्षा से नाराज आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार को एनएच-322 को पूरी तरह से जाम कर दिया. सड़क पर खाली डब्बे और बाल्टी लेकर उतरे प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन एवं पीएचईडी (PHED) विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. सड़क जाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.

जनप्रतिनिधियों पर अनदेखी का आरोप

स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे बीते कई सालों से पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं. नियमित जल आपूर्ति न होने के कारण रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधि से लेकर प्रखंड प्रशासन के अधिकारियों तक, कई बार लिखित और मौखिक शिकायत दर्ज कराई गई. इसके बावजूद इस दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है. पीने के पानी तक के लिए तरस रहे लोगों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब लगातार कई दिनों से जलापूर्ति पूरी तरह ठप रही.

PHED के हवाले व्यवस्था होने से और बिगड़े हालात

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि जब तक स्थानीय स्तर पर देखरेख होती थी, तब तक स्थितियां कुछ हद तक नियंत्रण में थीं. लेकिन जब से जलापूर्ति व्यवस्था का जिम्मा पीएचईडी (सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग) को सौंपा गया है, तब से स्थितियां बद से बदतर हो गई हैं. प्रखंड के विभिन्न हिस्सों में कहीं समर्सिबल मोटर जले पड़े हैं, तो कहीं मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होकर फटी हुई है. विभाग की लापरवाही के कारण हजारों लीटर पानी रोज बर्बाद होता है या फिर नलों तक पानी पहुंचता ही नहीं है. ग्रामीणों के अनुसार, विभाग के अधिकारी इस त्राहिमाम स्थिति से पूरी तरह बेखबर बने हुए हैं.

सड़क पर उतरे आक्रोशित लोग, 3 घंटे तक ठप रहा यातायात

गुरुवार की सुबह आक्रोशित ग्रामीण हाथों में खाली बर्तन लेकर सड़क पर आ गए और एनएच-322 को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया. जाम के कारण एम्बुलेंस, व्यावसायिक वाहन और आम यात्री घंटों फंसे रहे. प्रदर्शनकारी वरीय अधिकारियों को मौके पर बुलाने और अविलंब पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था शुरू करने की मांग पर अड़े थे.

पुलिस के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद खुला जाम

घटना की सूचना मिलते ही हलई थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची. पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी मांगों को संबंधित उच्च अधिकारियों व पीएचईडी विभाग तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया. लगभग 3 घंटे की मशक्कत और समझाए जाने के बाद ग्रामीण सड़क से हटने को तैयार हुए. हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द शुद्ध पेयजल की व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो वे पुनः व्यापक आंदोलन और अनिश्चितकालीन सड़क जाम करने को बाध्य होंगे.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Manoj kumar verma

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >