Samastipur News: स्थानीय मंडल कारा में विचाराधीन बंदी सुधीर महतो की करीब डेढ़ माह पूर्व हुई मौत के मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता देने की मांग को लेकर शनिवार को पासी समाज के बैनर तले सरकारी बस पड़ाव परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया. धरना के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रतिरोध मार्च निकालते हुए समाहरणालय पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा.
मौत को बताया संदिग्ध, न्यायिक जांच की मांग
धरना स्थल पर जिला परिषद सदस्य एवं पासी महासंघ के सदस्य रवि रौशन कुमार की अध्यक्षता में प्रतिरोध सभा आयोजित हुई. वक्ताओं ने 2 जून को मंडल कारा में हुई विचाराधीन बंदी सुधीर महतो की मौत को संदेहास्पद बताते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की. साथ ही दोषी अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई.
रवि रौशन ने कहा कि हलई थाना क्षेत्र के बाजितपुर करनौल निवासी सुधीर महतो बरौनी रिफाइनरी में मजदूरी करते थे. उनका आरोप है कि उत्पाद थाना पटोरी की टीम ने शराब मामले में गिरफ्तारी के बाद उनके साथ मारपीट की थी. इसके बाद उन्हें मंडल कारा समस्तीपुर भेजा गया, जहां 2 जून को उनकी मौत हो गई.
15 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग
धरना में वक्ताओं ने मृतक के आश्रितों को 15 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा बच्चों की निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की.
न्यू अखिल भारतीय पासी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामलखन महतो ने कहा कि यदि प्रशासन जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं करता है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.
समाहरणालय तक निकाला प्रतिरोध मार्च
धरना के बाद रवि रौशन के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने प्रतिरोध मार्च निकालकर समाहरणालय का घेराव किया और नारेबाजी की. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल और मृतक के परिजनों ने जिलाधिकारी को मांगों से संबंधित स्मारपत्र सौंपा.
धरना में मृतक की पत्नी, बच्चे और अन्य परिजन भी मौजूद रहे. कार्यक्रम में नथुनी मूर्तिकार, कृष्ण कुमार महतो, कंचन भारती, भीम आर्मी के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यदेव कुमार सुमन, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष तारकेश्वर चौधरी, जिलाध्यक्ष निलेश आजाद, संतोष कुमार, राज कुमार महतो सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.
