Samastipur News:जाति आधारित गणना मुद्दे पर श्रेय लेने का विपक्ष कर रहा राजनीतिक पाखंड : अंजुम

जाति आधारित गणना के मुद्दे पर विपक्ष जबरन श्रेय लेने का पाखंड कर रहा है. कोई दुध से नहा रहा है तो कोई इसे अपना एजेंडा बता रहा है, जबकि सच्चाई है कि इसकी पहल और बिहार में इसका संपूर्ण नेतृत्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया.

Samastipur News:समस्तीपुर: जाती आधारित गणना के मुद्दे पर विपक्ष जबरन श्रेय लेने का पाखंड कर रहा है. कोई दुध से नहा रहा है तो कोई इसे अपना एजेंडा बता रहा है, जबकि सच्चाई है कि इसकी पहल और बिहार में इसका संपूर्ण नेतृत्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया. इसमें विपक्ष की भूमिका महज समर्थन देने तक सीमित रही है. उक्त बातें जदयू के प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने कही. वे शुक्रवार को एनडीए घटक दलों के स्थानीय प्रतिनिधि सदस्यों के साथ परिसदन में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने प्रदेश में जातिगत गणना के ऐतिहासिक निर्णय की शुरुआत और क्रियान्वयन दोनों नीतिश कुमार द्वारा किया गया. वर्ष 1994 से ही नीतिश कुमार जातिगत गणना के लिए प्रयासरत थे. वर्ष 2019- 2020 में सबसे पहले नीतिश कुमार ने यह मांग उठायी थी कि वर्ष 2021 की जनगणना जातीय आधार पर हो. इस विषय पर विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव भी पारित किया गया, उस समय प्रदेश में मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार थी. वर्ष 2022 में जब बिहार में पहली बार जातीय गणना का निर्णय लिया गया, तब भी एनडीए गठबंधन की सरकार थी. बिहार ने रास्ता बताया और केंद्र सरकार ने यह काम किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग बताएं कि इसमें उनकी भूमिका कहां है. समर्थन देने और किसी पहल की शुरुआत करने में गहरा अंतर होता है. बिहार देश का पहला राज्य है, जहां सर्वे की रिपोर्ट को प्रकाशित किया गया है. पिछड़ा व अत्यंत पिछड़ वर्ग के आरक्षण का दायरा भी बढ़ाया गया. आज इस मुद्दे पर देश और प्रदेश का विपक्ष श्रेय लेने के लिए राजनीतिक पाखंड कर आवाम को गुमराह कर रही है. राहुल गांधी दूध से नहा रहे हैं और आवाम को बता रहें कि यह हमारा एजेंडा था. वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इसे अपना एजेंडा बता रहे हैं. उन्होंने विपक्ष से सवाल करते हुए कहा कि आजादी के बाद तो काफी समय तक इनकी सरकार रही. प्रदेश में माता पिता को जनता का समर्थन मिला था. उस वक्त जाति आधारित गणना क्यों नहीं करायी. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन की बैठक में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जाती आधारित गणना को पहली प्राथमिकता देने का प्रस्ताव रखा, तब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे नकार दिया था. आज श्रेय लेने की होड़ मची है. मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष नीलम सहनी, शशिधर झा, जदयू जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, रालोमो के जिलाध्यक्ष विनोद चौधरी, हम के जिलाध्यक्ष धीरज ठाकुर, पूर्व लोकसभा सांसद अश्वमेघ देवी मौजूद रहे.

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Author: PREM KUMAR

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