सही जांच व उपचार से रोग पर प्रभावी नियंत्रण संभव है : डा. मनोज

उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत चैता चौक पर एक दिवसीय ग्रामीण चिकित्सक प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया.

समस्तीपुर . उजियारपुर प्रखंड अंतर्गत चैता चौक पर एक दिवसीय ग्रामीण चिकित्सक प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया. आयोजन ग्रामीण चिकित्सक संघ द्वारा श्री रामचंद्र सेवा ट्रस्ट के सहयोग से किया गया. इसमें समस्तीपुर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षण प्रदान किया. इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणस्तर पर चिकित्सकों को प्रशिक्षु कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को होने वाली बीमारियों को सही समय से तत्काल के लिए राहत देना और समय से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना के बारे में जानकारी से अवगत कराने के लिए किया गया. चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने कहा कि डॉक्टर प्रशिक्षित पेशेवर होते हैं जो विभिन्न प्रकार के रोगियों में बीमारियों का निदान, प्रबंधन और उपचार करते हैं. उनकी जिम्मेदारियों में रोगी का आकलन करना, बीमारियों की पहचान करना, उपचार की सिफारिश करना और आंतरिक चिकित्सा, बाल रोग, शल्य चिकित्सा, मनोचिकित्सा और आपातकालीन चिकित्सा जैसे विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में निरंतर देखभाल प्रदान करना शामिल हैं. प्रशिक्षण सत्र के दौरान डॉ. सिंह ने बताया कि गठिया आर्थराइटिस अब लाइलाज बीमारी नहीं रही है. समय पर सही जांच व उपचार से इस रोग पर प्रभावी नियंत्रण संभव है. मौसमी बीमारियों के प्रति सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर बल दिया गया. साथ ही एंटीबायोटिक दवाओं के निर्धारित डोज में उपयोग की सलाह देते हुए इसके दुरुपयोग से उत्पन्न होने वाली एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस को गंभीर समस्या बताया गया. प्रशिक्षण शिविर की अध्यक्षता डॉ. पीके पंकज ने की. संचालन ग्रामीण चिकित्सक संघ के प्रखंड अध्यक्ष डॉ. पवन ठाकुर के साथ स्टेट को-ऑर्डिनेटर डॉ. राज कुमार राकेश, जिलाध्यक्ष राज कुमार राज एवं जिला सदस्य डॉ. महादेव प्रसाद, डॉ चंद्रभूषण के नेतृत्व में किया गया.

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By RANJEET THAKUR

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