Samastipur News:समस्तीपुर : शारदीय नवरात्रि में इस बार माता हाथी पर सवार होकर आ रही है. इस बाबत काली पीठ टुनटुनिया गुमटी के बाबा पंडित बसंत झा ने बताया कि शारदीय नवरात्रि पर माता रानी की उपासना करना भी बेहद शुभ होता है. इस साल शारदीय नवरात्रि का आरंभ 22 सितंबर से हो रहा है. खास बात यह है कि इस बार नवरात्रि 9 नहीं बल्कि कुल 10 दिनों की होगी. ऐसी मान्यता है कि माता रानी हर वर्ष अलग-अलग वाहनों पर सवार होकर पृथ्वी पर आती है. इस बार नवरात्रि में माता रानी हाथी पर सवार होकर आ रही है. शास्त्रों के अनुसार देवी दुर्गा के वाहन का विशेष महत्व होता है. यह वर्ष के सामाजिक और प्राकृतिक परिस्थितियों की झलक देता है. माना जा रहा है कि क्षेत्र में अच्छी वर्षा होगी. कृषि क्षेत्र में उन्नति होगी. समृद्धि के योग बनेंगे. देवी भागवत पुराण सहित कई अन्य ग्रंथों में हाथी को शक्ति, स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक माना गया है. जब मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर पृथ्वी पर आती है तो इसे अत्यंत शुभ और मंगलकारी संकेत माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि देवी का हाथी पर आगमन कृषि, व्यापार और पारिवारिक जीवन में सकारात्मकता लाती है. यह संकेत करता है कि खेतों में अच्छी फसल होगी. भरपूर वर्षा होगी. जिससे किसानों को लाभ मिलेगा. व्यापार और कारोबार में तेजी आयेगी. आर्थिक दृष्टि से समय लाभकारी रहेगा. लोगों के जीवन में स्थायित्व व उन्नति आयेगी. साथ ही परिवार में सुख-शांति और आपसी प्रेम का वातावरण बनेगा. हालांकि माता का प्रस्थान डोली पर हो रहा है. यह राजनीतिक अस्थिरता को दिखाती है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
