समस्तीपुर: मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के मदुदाबाद पंचायत के अलग-अलग वार्डों में वाया नदी में डूबने से एक छात्र और वृद्धा की मौत हो गयी. सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराना चाहती थी, लेकिन परिजनों ने इससे इनकार कर दिया. दोनों घटनाओं के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है.
तीन भाइयों के नदी में डूबने से छात्र की मौत
स्थानीय लोगों के अनुसार, पहली घटना पंचायत के वार्ड 12 में सोमवार शाम हुई. मो. मुसीम का 12 वर्षीय पुत्र मो. आतिफ अपने दो छोटे भाइयों के साथ बिना परिजनों को बताये वाया नदी के मड़वा घाट के पास स्नान करने गया था.
इसी दौरान तीनों भाई पानी में डूब गये. स्थानीय थाने की मदद से दो भाइयों को बचा लिया गया, लेकिन आतिफ का पता नहीं चल सका. काफी खोजबीन के करीब छह घंटे बाद उसका शव पानी में उपलाता मिला.
आतिफ प्राथमिक उर्दू मकतब मदुदाबाद का छात्र था. मृतक के परिजनों को मुखिया अनिता देवी के प्रतिनिधि अमरनाथ राय ने कबीर अंत्येष्टि की राशि प्रदान की.
टहलने गयी वृद्धा का नदी में मिला शव
दूसरी घटना पंचायत के वार्ड 3 में हुई. ग्रामीण रामसूरत राय ने बताया कि स्व. गनौर साह की 85 वर्षीय पत्नी सकली देवी गुरुवार शाम वाया नदी के बालघटवा घाट पर टहलने गयी थीं. जब उन्हें घर लौटने में देर हुई तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की.
करीब 12 घंटे बाद बीरबहादुर राय और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी से सकली देवी का शव बाहर निकाला गया. सूचना पर पहुंची पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराना चाहती थी, लेकिन परिजनों ने इससे इनकार कर दिया.
बाढ़ के पानी में अब तक आधा दर्जन मौत
बताया गया कि मोहिउद्दीननगर क्षेत्र में अब तक बाढ़ के पानी में डूबने से आधा दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें मटिऔर के सच्चिदानंद के पुत्र प्रियांशु कुमार, ग्वाल गढ़ के विकास पासवान की चार वर्षीय पुत्री सृष्टि कुमारी, छोटकी पतसिया के राणा चिंटू के डेढ़ वर्षीय पुत्र अनुज कुमार और बदिया पहारु राम की पत्नी सुशीला देवी शामिल हैं.
स्थानीय प्रशासन की ओर से गंगा और वाया नदी में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोगों से लगातार सावधानी बरतने की अपील की जा रही है. इसके बावजूद लोग नदी और बाढ़ के पानी को लेकर पर्याप्त सतर्कता नहीं बरत रहे हैं.
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