Samastipur News: समस्तीपुर : हिन्दी-उर्दू के मशहूर रचनाकार मुंशी प्रेमचंद के चर्चित उपन्यास ””””रंगभूमि”””” के सौ बरस पूरे होने पर रविवार को जनवादी लेखक संघ जिला इकाई की ओर से एक परिचर्चा का आयोजन स्टेशन रोड स्थित एक सभागार में आयोजित किया गया. ””””रंगभूमि”””” की प्रासंगिकता”””” विषय पर आयोजित परिचर्चा की अध्यक्षता जनवादी लेखक संघ के जिला अध्यक्ष शाह जफर इमाम ने की. जबकि जिला सचिव डॉ अरुण अभिषेक ने संचालन एवं विषय प्रवेश किया. आगत अतिथियों का स्वागत डॉ विष्णुदेव सिंह ने किया. मुख्य वक्ता के रूप में अपनी बात रखते हुए बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के जेबीएसडी कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ तारकेश्वर पंडित ने विस्तार से रंगभूमि की चर्चा करते हुए कहा कि इस तरह के उपन्यास की प्रासंगिकता कभी खत्म नहीं होगी क्योंकि उपन्यास के विषय वस्तु की अहमियत आज भी बनी हुई है. एक सूरदास को रंगभूमि का नायक बनाकर प्रेमचंद ने न एक ऐतिहासिक काम किया बल्कि अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए हजारों लोगों को प्रेरित किया. बीआरबी कॉलेज की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ स्नेह लता ने कहा कि प्रेमचंद ने अपने उपन्यास ””””रंगभूमि”””” में एक सूरदास को नायक बनाकर यह बताने की कोशिश की है कि अपने हक अधिकार की रक्षा के लिए कोई भी आगे आ सकता है. उन्होंने कहा कि प्रेमचंद की सभी रचनाएं लगभग कालजयी हैं. प्रेमचंद ने अपने उपन्यास ””””रंगभूमि”””” में जिन सवालों को उठाया था, वे सवाल आज भी जिन्दा हैं. जनवादी लेखक संघ के जिला संयुक्त सचिव अरविंद कुमार दास के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ. परिचर्चा में विभिन्न जन संगठनों की ओर से राम दयाल भारती,सत्य नारायण सिंह, चन्द्रेश्वर राय, डॉ श्यामकांत महतो,राम प्रकाश यादव, शमशाद आलम, सुजीत कुमार, विनय कृष्ण, राजेश वर्मा, आनंदी राय, रंजन कुमार, उपेन्द्र राय, लाल बहादुर राय एवं अनिल कुमार ने हिस्सा लिया.
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