₹4 हजार घूस लेते पकड़े गए अस्पताल प्रबंधक को झटका, हाईकोर्ट ने बेल बॉन्ड किया रद्द

पटना हाईकोर्ट ने समस्तीपुर सदर अस्पताल के ₹4 हजार रिश्वत मामले में तत्कालीन अस्पताल प्रबंधक की नियमित जमानत और बेल बॉन्ड रद्द कर दिया है। मामले में उपलब्ध साक्ष्य प्रथम दृष्टया मजबूत माने गए हैं।

Samastipur News: समस्तीपुर सदर अस्पताल के तत्कालीन अस्पताल प्रबंधक विश्वजीत रामानंद से जुड़े ₹4 हजार रिश्वत मामले में पटना हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. अदालत ने आरोपी की नियमित जमानत और बेल बॉन्ड रद्द कर दिए हैं. साथ ही विजिलेंस के स्पेशल जज से भी स्पष्टीकरण मांगा है. अदालत ने माना कि मामले में उपलब्ध साक्ष्य प्रथम दृष्टया मजबूत हैं.

₹4 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ हुए थे गिरफ्तार

मामले में सदर अस्पताल के शव वाहन चालक जय राम सिंह ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से शिकायत की थी कि बकाया मानदेय भुगतान के बदले ₹4 हजार रिश्वत मांगी जा रही है. शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी टीम ने जाल बिछाकर तत्कालीन अस्पताल प्रबंधक को कार्यालय में ही ₹4 हजार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

फॉरेंसिक रिपोर्ट को कोर्ट ने माना अहम साक्ष्य

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्री-ट्रैप और पोस्ट-ट्रैप कार्रवाई के सभी साक्ष्यों को मजबूत माना. अदालत ने कहा कि आरोपी के हाथ और शर्ट की जेब की धुलाई का रंग गुलाबी हो गया था. वहीं पटना फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट में फेनोल्फथेलिन और सोडियम कार्बोनेट रसायनों की पुष्टि भी हुई, जो रिश्वत की राशि के संपर्क में आने का वैज्ञानिक प्रमाण है.

विजिलेंस कोर्ट से भी मांगा स्पष्टीकरण

साक्ष्यों की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ कर दिया. अदालत ने आरोपी की नियमित जमानत और बेल बॉन्ड रद्द करते हुए विजिलेंस के स्पेशल जज से भी इस मामले में स्पष्टीकरण तलब किया है.

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Author: Girija nandan sharma

Published by: Purushottam Kumar

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