Samastipur News:भूमिगत जल का जरूरत के अनुरूप उपयोग करने की जरूरत : डॉ सिंह

डाॅ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अन्तर्गत अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना, सिंचाई जल प्रबन्धन द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र बिरौली में प्रशिक्षण सह जागरूकता किया गया.

Samastipur News:पूसा : डाॅ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अन्तर्गत अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना, सिंचाई जल प्रबन्धन द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र बिरौली में प्रशिक्षण सह जागरूकता किया गया. जिसका विषय सतत कृषि के लिए नवचारी सिंचाई जल प्रबन्धन विकल्प था. यह प्रशिक्षण डाॅ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अन्तर्गत अनुसूचित जाति उपयोजना के अन्तर्गत आयोजित की गयी थी. उद्घाटन निदेशक अनुसन्धान डाॅ अनिल कुमार सिंह ने करते हुए किसानों को पानी की महता बतायी. कहा कि फसलों में सिंचाई करते समय पानी की आवश्यकता के अनुसार ही भूमिगत सिंचाई जल का उपयोग करें. ताकि भविष्य में पानी की समस्या से बचा जा सके. निदेशक अनुसन्धान ने जल प्रबन्धन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की. स्वागत डाॅ आरके तिवारी ने किया. कार्यक्रम के उद्देश्य एवं रूपरेखा पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसन्धान परियोजना के प्रधान अन्वेषक डाॅ रविश चन्द्रा ने विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कई नवचारी सिंचाई जल प्रबन्धन विकल्प सूक्ष्म सिंचाई पद्धति, प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने वाली तकनीकें, जीरो टिलेज, लेजर लेवलिंग, बेड प्लाटिंग, फसल अवशेष प्रबन्धन आदि उपलब्ध हैं. इसे अपनाकर जल उत्पादकता उन्नयन किया जा सकता है. इस अवसर पर डा एसके जैन, परियोजना निदेशक, जल प्रबन्धन उत्कृष्टता केन्द्र एवं डाॅ मुकेश कुमार ने भी अपने विचार साझा किये. धन्यवाद ज्ञापन डाॅ अशोक कुमार सिंह ने किया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Ankur kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >