Samastipur News: थाना क्षेत्र के अंदौर गोपालिया घाट पर 31 जुलाई को इंजीनियरिंग छात्र प्रिंस कुमार यादव की डूबने से हुई मौत के मामले में जांच तेज हो गई है. बुधवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम घटनास्थल पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एवं नमूने एकत्र किए. इस दौरान मृतक के पिता विपिन राय, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे.
पिता ने नामजद आरोपितों पर कार्रवाई की मांग की
एफएसएल जांच के बाद मृतक के पिता विपिन राय ने जनप्रतिनिधियों के साथ थानाध्यक्ष सचिन कुमार से मुलाकात कर प्राथमिकी में नामजद आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की मांग की.
उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने प्रिंस के साथ मौजूद साथियों को हिरासत में लिया था. इस दौरान छह में से चार युवकों के मोबाइल जब्त किए गए, जबकि दो अन्य के मोबाइल किन परिस्थितियों में वापस कर दिए गए, यह स्पष्ट नहीं किया गया.
पुलिस पर लगाए सहयोग नहीं करने के आरोप
मृतक के पिता का कहना है कि मामले में पुलिस से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है और जांच में अनावश्यक पेचीदगियां उत्पन्न की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि जब तक पूरे मामले की गहराई से जांच नहीं होगी, तब तक यह स्पष्ट नहीं हो सकेगा कि उनके पुत्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई.
गौरतलब है कि इस मामले में मृतक के पिता के आवेदन पर थाना कांड संख्या 214/26 दर्ज किया गया है. प्राथमिकी में मृतक के छह साथियों को नामजद किया गया है, जबकि तीन अज्ञात लोगों को भी आरोपित बनाया गया है.
पुलिस ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
थानाध्यक्ष सचिन कुमार ने पुलिस पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की जांच पूरी तरह विधिसम्मत तरीके से की जा रही है.
उन्होंने बताया कि एफएसएल टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले वैज्ञानिक एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी. पुलिस छात्र की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है.
