Samastipur News:पूसा : डा राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के संचार केंद्र स्थित पंचतंत्र सभागार में जलवायु अनुकूल कृषि विषय पर जारी प्रशिक्षण संपन्न हो गया. अध्यक्षता करते हुए डीन पीजीसीए सह निदेशक प्रसार शिक्षा डा मयंक राय ने कहा कि आधुनिक कृषि के दौर में फसलों से बेहतर उत्पादन लेने के लिए किसानों को जलवायु अनुकूल कृषि तकनीक अपनाने की जरूरत है. परिवर्तन संसार का कटु सत्य सत्य है. इसे नहीं मिटाया जा सकता है. इसी परिवर्तन में विश्वस्तरीय जलवायु परिवर्तन से कृषि एवं किसान मर्माहत हैं. वैज्ञानिक अनुसंधान की बदौलत किसानों एवं कृषि को बचाने की दिशा में सतत शोध में लगे हैं. परिणाम भी बेहतर आ रहा है. जरूरत है किसान को जलवायु अनुकूल कृषि को सौ प्रतिशत अपनाने की. उन्होंने कहा कि पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए मृदा संरक्षण एवं जल संचय की दिशा में किसानों को जागरूक होने की आवश्यकता है. कृषि से पैदावार बढ़ाने के लिए रासायनिक खादों का अंधाधुंध हो रहे प्रयोग को रोकने की जरूरत है. कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से जलवायु अनुकूल कृषि पर विशेषरूप से प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है. उसमें अधिक से अधिक किसानों की सहभागिता जरूरी है. शश्य विज्ञान विभाग के प्राध्यापक सह जलवायु परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केंद्र के निदेशक डॉ रत्नेश कुमार झा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के अनुसार किसान को अपने आप में परिवर्तन लाकर ही विकट परिस्थिति से सामना करने की जरूरत है. किसानों के लिए वैज्ञानिक का दरवाजा 24 घंटे खुला हुआ है. कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक डा आरके तिवारी ने कहा कि किसानों को वैज्ञानिकी तकनीक का उपयोग कर जलवायु परिवर्तन की दिशा में पहल करने की आवश्यकता है. संचालन वैज्ञानिक डॉ बिनीता सतपथी ने किया. मौके पर सुरेश कुमार, सूरज कुमार, विक्की कुमार आदि मौजूद थे.
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