फौजी जज्बे के आगे हारी बाढ़: उफनते पानी में अकेले डटे रहे 60 वर्षीय पूर्व सैनिक, बचा लिया अपना आशियाना

मोहिउद्दीननगर के पूर्व फौजी राणा दीनदयाल सिंह ने बाढ़ की विभीषिका के बीच अपने घर की रक्षा कर साहस की मिसाल पेश की है। जानिए उनकी प्रेरणादायक कहानी।

पूर्व सैनिक साहस: समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर में बाढ़ की विनाशकारी विभीषिका पर एक पूर्व सैनिक के अदम्य साहस और फौलादी इरादों ने विजय हासिल कर ली है. जब गंगा और उसकी सहायक नदियों का पानी पतसिया गांव में तबाही मचा रहा था और पूरा गांव पलायन को विवश हो गया, तब 60 वर्षीय पूर्व फौजी राणा दीनदयाल सिंह चट्टान की तरह अपने घर के सामने अडिग खड़े रहे. जहां लोग बेबस होकर अपना आशियाना छोड़ रहे थे, वहीं इस जांबाज पूर्व सैनिक ने सीना तानकर बाढ़ को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया.

जब पूरा गांव छोड़ गया घर, अकेले चौकी पर डटे रहे जांबाज

बाढ़ के बढ़ते जलस्तर ने जब गांव को घेरना शुरू किया, तो परिजनों में दहशत फैल गई. जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए परिवार के अन्य सदस्य सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए. बेटों ने अपने बुजुर्ग पिता से हाथ जोड़कर साथ चलने की मिन्नतें कीं, लेकिन देश की सरहदों पर दुश्मनों का मुकाबला कर चुके पूर्व सैनिक ने अपनी मेहनत की कमाई से बने घर को अकेला छोड़ने से साफ इनकार कर दिया:

  • बेटों के लाख समझाने के बाद भी खून-पसीने से बने घर को नहीं त्यागा.
  • घर के आंगन और कमरों में पानी घुस जाने के बावजूद अकेले चौकी पर डटे रहे.
  • दिन-रात जहरीले जलीय जीवों, सांप-बिच्छू और उफनते पानी का अकेले सामना किया.
  • जान जोखिम में डालकर चौबीसों घंटे अपने आशियाने की रखवाली करते रहे.

हौसले के आगे झुकी आपदा, सुरक्षित बचा आशियाना

दिन-रात पानी के बीच चौकी पर बैठकर गुजारे गए पल किसी रोंगटे खड़े कर देने वाली परीक्षा से कम नहीं थे. पूर्व सैनिक का आत्मबल ऐसा था कि उन्होंने आपदा के सामने घुटने नहीं टेके. आखिरकार फौजी का अटूट हौसला जीता और धीरे-धीरे बाढ़ का जलस्तर कम होने लगा. उनकी जीवटता की बदौलत उनका आशियाना पूरी तरह सुरक्षित बच गया.

साहस देख दांतों तले उंगली दबा रहे हैं ग्रामीण

बाढ़ की त्रासदी से बचने के लिए ऊंचे बांधों और शरणस्थलों पर डेरा डाले पड़ोसी जब वापस लौटे, तो वे पूर्व सैनिक की हिम्मत देखकर दंग रह गए. आज पतसिया गांव समेत पूरे मोहिउद्दीननगर इलाके में राणा दीनदयाल सिंह के साहस की मिसाल दी जा रही है. लोग उनके अदम्य धैर्य और फौजी अनुशासन को सलाम कर रहे हैं.

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By Girija nandan sharma

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