E20 पेट्रोल से क्यों परेशान हैं वाहन चालक? माइलेज, पिकअप और इंजन को लेकर बढ़ी चिंता

E20 पेट्रोल के आने से कई वाहन चालकों, खासकर पुराने वाहनों के मालिकों को इंजन परफॉर्मेंस, माइलेज और स्टार्टिंग में समस्या आ रही है. पिकअप घटने, माइलेज गिरने और इंजन की आवाज बदलने की शिकायतें आम हैं. जानें इस समस्या के कारण और संभावित समाधान.

E20 Petrol Problem: प्रखंड क्षेत्र में पेट्रोल पंपों पर इथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल मिलने के बाद कई वाहन चालकों ने इंजन की परफॉर्मेंस, माइलेज और स्टार्टिंग से जुड़ी समस्याओं की शिकायत की है. खासकर पुराने वाहनों के मालिकों का कहना है कि पेट्रोल बदलने के बाद उनकी गाड़ियों के प्रदर्शन में फर्क महसूस हो रहा है.

वाहन चालकों का दावा है कि कई गाड़ियों में पिकअप कम हो गई है, माइलेज घटा है और इंजन की आवाज में भी बदलाव महसूस किया जा रहा है.

पुराने वाहनों के मालिक ज्यादा चिंतित

स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन-चार साल पुरानी कई गाड़ियां पहले की तुलना में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रही हैं. कुछ वाहन रास्ते में बंद हो रहे हैं, जबकि कई गाड़ियों को मरम्मत के लिए गैरेज तक पहुंचाना पड़ रहा है.

स्थानीय मैकेनिकों का भी कहना है कि पुराने मॉडल के कई वाहन E20 ईंधन के अनुरूप डिजाइन नहीं किए गए थे. ऐसे में उनके इंजन और फ्यूल सिस्टम में दिक्कतें सामने आ सकती हैं.

किन समस्याओं की हो रही शिकायत

वाहन चालकों और मैकेनिकों के अनुसार E20 पेट्रोल भरवाने के बाद इन समस्याओं की शिकायत सामने आ रही है.

  • माइलेज में कमी.
  • इंजन की पिकअप और एक्सीलरेशन कमजोर होना.
  • इंजन स्टार्ट होने में दिक्कत.
  • फ्यूल इंजेक्टर और फ्यूल पंप से जुड़ी समस्याएं.
  • रबर और प्लास्टिक के कुछ पुर्जों पर असर.

कुछ लोगों का यह भी कहना है कि ठंड के मौसम में इंजन स्टार्ट करने में और अधिक परेशानी हो सकती है.

विशेषज्ञों की क्या है राय?

ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई वाहन E20-कम्पैटिबल है, तो सामान्य परिस्थितियों में गंभीर समस्या नहीं होनी चाहिए. हालांकि जिन वाहनों का निर्माण E20 ईंधन को ध्यान में रखकर नहीं किया गया है, उनमें लंबे समय में ईंधन प्रणाली और इंजन के कुछ हिस्सों पर अतिरिक्त प्रभाव पड़ सकता है.

E20 के फायदे भी गिनाए जा रहे

कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग से स्थानीय स्तर पर इथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिल सकती है.

हालांकि फिलहाल पुराने वाहनों के मालिक इसकी वजह से होने वाली संभावित तकनीकी समस्याओं को लेकर चिंतित हैं. उनका कहना है कि यदि भविष्य में इसी ईंधन का उपयोग अनिवार्य होगा तो पुराने वाहनों के लिए उपयुक्त समाधान भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए.


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लेखक के बारे में

Author: Manoj kumar verma

Published by: Aaruni Thakur

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