समस्तीपुर: “कॉकरोच” बना प्रतिरोध का प्रतीक, सोशल मीडिया की लड़ाई सड़कों तक जाएगी- दीपंकर

समस्तीपुर में आयोजित सेमिनार में दीपंकर भट्टाचार्य ने बुलडोजर राज, बेरोजगारी और युवाओं के प्रतिरोध को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने सोशल मीडिया प्रतिरोध को जमीन के आंदोलन से जोड़ने का आह्वान किया. पढ़ें पूरी खबर...

Samastipur News: भाकपा (माले) की ओर से समस्तीपुर के कर्पूरी सभागार में “बुलडोजर राज के खिलाफ लोकतंत्र की आवाज” विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, छात्र, नौजवान, महिलाएं और लोकतंत्र समर्थक नागरिक शामिल हुए.

सेमिनार को संबोधित करते हुए दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि आज बुलडोजर सिर्फ मशीन नहीं, बल्कि भाजपा शासन की राजनीतिक पहचान और दमन का प्रतीक बन चुका है. उन्होंने कहा कि गरीबों, मेहनतकशों और छोटे दुकानदारों को निशाना बनाकर कॉरपोरेट कंपनियों के लिए रास्ता तैयार किया जा रहा है.

रामदेव वर्मा के संघर्षों को किया याद

दीपंकर भट्टाचार्य ने वरिष्ठ वाम नेता का. रामदेव वर्मा को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा गरीबों, दलितों और वंचितों की आवाज बनकर संघर्ष किया. बड़े राजनीतिक बदलावों के बावजूद उन्होंने जनता का साथ नहीं छोड़ा और आज उनकी विरासत लोकतंत्र बचाने की लड़ाई को दिशा दे रही है.

उन्होंने कहा कि पहले सरकारों को “लाठी-गोली की सरकार” कहा जाता था, लेकिन अब “बुलडोजर राज” नया राजनीतिक शब्द बन गया है. उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री को “बुलडोजर बाबा” कहे जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में बुलडोजर सत्ता का प्रतीक बन चुका है.

सोशल मीडिया पर “कॉकरोच” बना प्रतिरोध का प्रतीक

माले महासचिव ने सोशल मीडिया पर चल रहे प्रतिरोध अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि जब सोशल मीडिया एक्टिविस्टों और आरटीआई कार्यकर्ताओं को “कॉकरोच” और “परजीवी” कहा गया, तब देश के नौजवानों ने उसी शब्द को प्रतिरोध का प्रतीक बना दिया.

उन्होंने कहा कि “भाजपा के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी” जैसे अभियान यह संकेत दे रहे हैं कि देश का युवा अब बेरोजगारी, महंगाई और असुरक्षा के खिलाफ खुलकर आवाज उठा रहा है. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया की इस आवाज को जमीन के आंदोलनों से जोड़ने का आह्वान किया.

शिक्षा और रोजगार के सवाल पर सरकार पर हमला

दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि देश में सबसे बड़ा सवाल शिक्षा और रोजगार का है. उन्होंने नीट परीक्षा में धांधली और लगातार हो रहे पेपर लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.

उन्होंने बिहार में TRE-4 अभ्यर्थियों के आंदोलन पर हुए लाठीचार्ज की आलोचना करते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है.

महिला आरक्षण और बुलडोजर कार्रवाई पर भी चर्चा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शशि यादव ने कहा कि रामदेव वर्मा की संघर्ष की विरासत को आगे बढ़ाना होगा. उन्होंने भाजपा पर बिहार में बुलडोजर राज लागू करने की कोशिश का आरोप लगाया और महिला आरक्षण को जल्द लागू करने की मांग की.

पूर्व विधायक मंजू प्रकाश ने कहा कि नई पीढ़ी को रामदेव वर्मा के संघर्षों से सीखने की जरूरत है. उन्होंने आरोप लगाया कि समस्तीपुर के सुन्दराइया नगर में गरीबों की बस्ती को बुलडोजर से उजाड़ दिया गया और पार्टी उसे फिर बसाने की लड़ाई लड़ेगी.

प्रतिमा पर माल्यार्पण और स्मृति द्वार का शिलान्यास

कार्यक्रम से पहले समस्तीपुर जिले के पतेलिया गांव में का. रामदेव वर्मा की प्रतिमा पर नेताओं ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. इसी अवसर पर विधान परिषद सदस्य शशि यादव के विधान परिषद मद से बनने वाले “का. रामदेव वर्मा स्मृति द्वार” का शिलान्यास भी किया गया.

कार्यक्रम में प्रो. सुरेंद्र सुमन, वंदना सिंह, डॉ. प्रभात कुमार, रंजीत राम, फूल बाबू सिंह, ललन कुमार, जीबछ पासवान, सुरेंद्र प्रसाद सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार ने किया.

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लेखक के बारे में

Published by: Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

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