चापर दियारा में एएलटीएफ का सर्च ऑपरेशन, 6 दर्जन से अधिक शराब भट्ठियां ध्वस्त, 85 हजार लीटर जावा नष्ट

समस्तीपुर के चापर दियारा में पुलिस ने अवैध देसी शराब निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. 6 दर्जन से अधिक शराब भट्ठियों को ध्वस्त करते हुए भारी मात्रा में कच्चा माल और उपकरण नष्ट किए गए. पुलिस ने शराब कारोबारियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.

Samastipur News: मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के चापर दियारा में मंगलवार को अवैध देसी शराब निर्माण के खिलाफ एएलटीएफ की टीम ने सघन सर्च अभियान चलाया. इस दौरान पुलिस ने देसी शराब बनाने वाली 6 दर्जन से अधिक भट्ठियों को ध्वस्त कर दिया. मौके से करीब 85 हजार लीटर कच्चा जावा और शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को भी नष्ट किया गया. पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोग मौके से फरार हो गए.

6 दर्जन से अधिक शराब भट्ठियां ध्वस्त

अभियान का नेतृत्व एएलटीएफ प्रभारी अफरोज आलम ने किया. उन्होंने बताया कि चापर दियारा क्षेत्र में चोरी-छिपे देसी शराब निर्माण किए जाने की सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर पुलिस बल की सहायता से इलाके में सघन छापेमारी की गई.

सर्च अभियान के दौरान देसी शराब बनाने वाली 6 दर्जन से अधिक भट्ठियों को ध्वस्त किया गया. इसके अलावा शराब निर्माण में इस्तेमाल होने वाले करीब 85 हजार लीटर कच्चे जावा और अन्य उपकरणों को भी नष्ट कर दिया गया.

पुलिस की भनक लगते ही कारोबारी फरार

पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही अवैध शराब निर्माण में शामिल कारोबारी मौके से भागने में सफल रहे. पुलिस अब इन लोगों की पहचान और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगी है.

एएलटीएफ प्रभारी ने बताया कि शराब निर्माण में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है.

गंगा दियारा का दुर्गम क्षेत्र बना चुनौती

स्थानीय लोगों के अनुसार गंगा दियारा का दुर्गम और नदी से घिरा इलाका होने के कारण अवैध शराब निर्माण से जुड़े कारोबारियों के लिए यह क्षेत्र अनुकूल बना हुआ है. यहां चोरी-छिपे शराब तैयार करने के बाद नदी के रास्ते दूसरे स्थानों तक इसकी आपूर्ति करना आसान होता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस समय-समय पर अभियान चलाकर शराब की भट्ठियों को ध्वस्त करती है, लेकिन कुछ दिनों तक गतिविधियां शांत रहने के बाद कारोबारी फिर से सक्रिय हो जाते हैं.

लगातार निगरानी और पेट्रोलिंग की जरूरत

स्थानीय लोगों ने कहा कि अवैध शराब कारोबार पर स्थायी रूप से रोक लगाने के लिए पुलिस को लगातार निगरानी रखने के साथ सूचना तंत्र को मजबूत करना होगा. गंगा नदी के रास्ते होने वाली संभावित तस्करी पर रोक लगाने के लिए नियमित पेट्रोलिंग और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की भी जरूरत है.

पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है. लोगों का कहना है कि लगातार सर्च अभियान चलने से अवैध शराब निर्माण में शामिल कारोबारियों पर दबाव बढ़ेगा.

मई में भी चला था अभियान

बताया जाता है कि इससे पहले मई महीने में भी पुलिस ने चापर दियारा क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया था. उस दौरान दर्जन भर से अधिक देसी शराब बनाने वाली भट्ठियों को ध्वस्त किया गया था.

इसके बावजूद दोबारा अवैध शराब निर्माण की गतिविधियां सामने आने के बाद पुलिस ने मंगलवार को फिर सघन अभियान चलाया. पुलिस अब इस धंधे से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है.

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By Krishan mohan pathak

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