समस्तीपुर: मनरेगा में अनियमितता की शिकायत पर 5 दिन चली केंद्रीय जांच पूरी, अब रिपोर्ट का इंतजार

सोहमा पंचायत में मनरेगा योजनाओं में कथित अनियमितता की शिकायत पर पांच दिन चली राष्ट्रीय स्तर की जांच पूरी हो गई है. केंद्रीय टीम ने योजनाओं का निरीक्षण कर अभिलेखों की पड़ताल की है. ग्रामीणों की नजर अब जांच रिपोर्ट पर है, जो योजनाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी.

बिथान: प्रखंड क्षेत्र की सोहमा पंचायत में मनरेगा योजनाओं में कथित अनियमितता की शिकायत को लेकर चल रही राष्ट्रीय स्तर की जांच बुधवार को पांचवें दिन पूरी हो गयी. ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की राष्ट्रीय स्तर की निगरानी टीम ने पंचायत में रहकर विभिन्न मनरेगा योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया और संबंधित अभिलेखों की पड़ताल की.

अभिलेखों और स्थल की स्थिति का किया मिलान

केंद्रीय टीम ने योजनाओं के भौतिक कार्य, मस्टर रोल, जॉब कार्ड, मजदूरी भुगतान सहित अन्य संबंधित अभिलेखों की जांच की. शिकायत में उल्लेखित योजनाओं के अलावा अन्य संबंधित कार्यों का भी निरीक्षण किया गया.

टीम सोहमा उच्च विद्यालय परिसर सहित विभिन्न योजना स्थलों पर पहुंची और अभिलेखों में दर्ज कार्यों का मौके की वास्तविक स्थिति से मिलान किया. मिट्टी भराई, रास्ता निर्माण, पोखर निर्माण सहित अन्य योजनाओं की भी जानकारी ली गयी.

पहले भी हो चुकी है विभागीय जांच

मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर इससे पहले विभागीय और जिला स्तर पर भी जांच हो चुकी है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 34 योजनाओं की जांच में 20 में विभिन्न त्रुटियां मिलने की बात सामने आयी थी. करीब 18.16 लाख रुपये की वसूली के आदेश दिये जाने का भी दावा किया गया है.

हालांकि, इन मामलों में जिम्मेदार लोगों पर हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं. केंद्रीय टीम की जांच के बाद अब इस मामले में आगे की कार्रवाई उसकी अंतिम रिपोर्ट के आधार पर होने की उम्मीद है.

पांच दिन की जांच के बाद रिपोर्ट का इंतजार

जांच के दौरान सहायक अभियंता मनरेगा समस्तीपुर सुधांशु कुमार, पीओ बिथान संजय कुमार निराला, पीटीए बिथान विनय कुमार और पीआरएस राम कुमार सहनी मौके पर मौजूद रहे. अधिकारियों और कर्मियों ने जांच प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग किया.

पांच दिनों तक चली जांच पूरी होने के बाद अब ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं की नजर केंद्रीय टीम की रिपोर्ट पर टिकी है. रिपोर्ट में योजनाओं के अभिलेख और स्थल की स्थिति में अंतर, भुगतान में गड़बड़ी या अन्य अनियमितता सामने आती है तो उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की दिशा तय हो सकती है.

फिलहाल जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी व्यक्ति या योजना को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा. केंद्रीय टीम की अंतिम रिपोर्ट से ही सोहमा पंचायत की मनरेगा योजनाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी.

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By Krishan mohan pathak

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