समस्तीपुर न्यूज: जिले में डॉक्टरों की गोपनीयता और मरीजों के निजी स्वास्थ्य डेटा की सुरक्षा को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और इंडियन डेंटल एसोसिएशन (IDA) की समस्तीपुर शाखाओं ने संयुक्त एडवाइजरी जारी की है. इसके तहत डॉक्टरों से कहा गया है कि वे अपने चैंबर, क्लिनिक, नर्सिंग होम या अस्पताल परिसर में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स को मोबाइल, टैबलेट या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का इस्तेमाल नहीं करने दें.
बातचीत की रिकॉर्डिंग और डेटा लीक का खतरा
एसोसिएशन की ओर से जारी निर्देश में बिना अनुमति डॉक्टर और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के बीच होने वाली बातचीत की रिकॉर्डिंग की आशंका जतायी गयी है. इसके अलावा मरीजों की गोपनीय जानकारी, प्रिस्क्रिप्शन और निजी हेल्थ डेटा के अनधिकृत तरीके से संग्रह किये जाने को लेकर भी चिंता जाहिर की गयी है.
डॉक्टरों का कहना है कि डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान डेटा स्टोर या शेयर होने की संभावना रहती है. ऐसे में मरीजों और चिकित्सकों की निजता को सुरक्षित रखने के लिए एहतियाती कदम उठाना जरूरी है.
लोकेशन ट्रैकिंग को लेकर भी चिंता
एडवाइजरी में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और विभिन्न ऐप्स के जरिये लोकेशन शेयरिंग या ट्रैकिंग की संभावित सुरक्षा संबंधी चिंताओं का भी उल्लेख किया गया है. डॉक्टरों से कहा गया है कि वे अपनी पेशेवर सुरक्षा के साथ-साथ मरीजों की गोपनीयता को लेकर भी सतर्क रहें.
चैंबर के बाहर नोटिस लगाने का निर्देश
आइएमए समस्तीपुर के अध्यक्ष डॉ. उपेन्द्र सिंह और सचिव डॉ. रेणु राणा तथा आईडीए समस्तीपुर के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार और सचिव डॉ. आलोक कुमार की ओर से जारी नोटिस में सभी सदस्य डॉक्टरों से एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गयी है.
साथ ही डॉक्टरों से कहा गया है कि इस संबंध में जारी नोटिस को अपने चैंबर, क्लिनिक या अस्पताल के बाहर प्रमुखता से प्रदर्शित करें, ताकि मरीजों और मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स को भी नियम की जानकारी रहे.
डिजिटल प्रेजेंटेशन के इस्तेमाल पर उठे सवाल
मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स आमतौर पर डॉक्टरों को दवाओं और नये उत्पादों की जानकारी देने के लिए मोबाइल, टैबलेट और डिजिटल प्रेजेंटेशन का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि, क्लिनिकल डेटा, मरीजों की जानकारी और चिकित्सकों की निजता से जुड़े सवालों के बीच दोनों मेडिकल एसोसिएशनों ने इस तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है.
गोपनीयता और सुरक्षा पर जोर
एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों और मरीजों की निजी जानकारी को अनधिकृत रिकॉर्डिंग, संग्रह या शेयरिंग से बचाना बताया गया है. एसोसिएशनों ने डॉक्टरों से अपनी पेशेवर सुरक्षा के साथ मरीजों की डेटा गोपनीयता बनाए रखने में सतर्कता बरतने की अपील की है.
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