Samastipur News:मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के 633 किसानों के आवेदन रद्द

जिले में मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत 2928 किसानों ने आवेदन दिये. इसमें से 633 आवेदन रद्द कर दिये गये.

असमस्तीपुर : जिले में मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत 2928 किसानों ने आवेदन दिये. इसमें से 633 आवेदन रद्द कर दिये गये. विदित हो कि लघु जल संसाधन विभाग द्वारा बोरवेल और मोटर पंप स्थापना के लिए किसानों को वित्तीय सहायता दी जा रही है. जिससे किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलती है. दिये गये आवेदनों में से 727 को सर्व किया गया. सर्व किये गये आवेदनों में से 669 का इंस्पेक्शन किया गया. इस योजना का लाभ महिला किसानों को भी मिलता यह योजना बिहार सरकार के हर खेत तक सिंचाई का पानी अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. विदित हो कि जिले में सरकारी सिंचाई के साधनों की स्थिति अच्छी नहीं है. जिले में कई वर्षों से लगातार मानसून दगा दे रहा है. सिंचाई के लिये नहर नाम की कोई चीज नहीं है. किसानों के लिये सिंचाई का एक मात्र स्रोत भूमिगत जल है. फसलों की सिंचाई पूरी तरह खुद की व्यवस्था पर निर्भर है. ऐसे में मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना पर किसानों की नजर टिकी हुई है. जिले में सिंचाई के लिये पूर्व से अब तक 436 राजकीय नलकूप लगाये गये. इसमें से कई नलकूप 1950-52 में लगे थे. इन नलकूपों में 60 राजकीय नलकूप परित्यक्त हो गये हैं. वहीं शेष बचे 377 राजकीय नलकूपों में से 229 ही चालू हालत में है. विद्युत दोष के कारण पांच राजकीय नलकूप बंद पड़े हैं. यांत्रिक दोष के कारण 38 राजकीय नलकूप बंद पड़े हैं. विद्युत और यांत्रिक दोष के कारण 97 राजकीय नलकूप बंद पड़े हुये हैं. वहीं अन्य दोष के कारण आठ राजकीय नलकूप बंद पड़े हुये हैं. इस तरह कुल 148 राजकीय नलकूल बंद पड़े हैं. इस स्थिति में यह योजना किसानों के लिये अति महत्वपूर्ण है. इस योजना का उद्देश्य सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है. बोरवेल निर्माण और मोटर पंप की स्थापना में किसानों को आर्थिक सहायता दिया जाता है. योजना के तहत लघु जल संसाधन विभाग किसानों को बोरवेल लगाने और मोटर पंप स्थापित करने के लिए अनुदान देता है.

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