Samastipur News: समस्तीपुर : जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ डीएम रौशन कुशवाहा ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय मोहनपुर में किया. डीएम ने स्वयं बच्चों को अपने हाथों से एलबेंडाजोल की दवा खिलाई. इसके लाभकारी गुणों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि एलबेंडाजोल का सेवन बच्चों को आंतों में होने वाले कीड़ों से बचाता है. उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार करता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, विश्व की लगभग 24 प्रतिशत जनसंख्या मृदा-संचारित कृमि (कृमि) से संक्रमित है. नतीजतन, भारत में 1 से 14 वर्ष की आयु के लगभग 241 मिलियन बच्चों को परजीवी आंतों के कीड़े होने का खतरा है. जिन्हें मृदा-संचारित हेलमिन्थ्स के रूप में जाना जाता है. सीएस डा. एसके चौधरी ने कहा कि इस दिन का मुख्य उद्देश्य आंतों के कीड़ों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और बच्चों में मृदा-संचारित कृमि का पूर्ण उन्मूलन प्राप्त करना है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रितेश कुमार ने कहा कि कीड़े एवं अन्य बीमारियों को प्रारंभिक स्तर पर रोकना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है. स्वास्थ विभाग एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से इस अभियान का उद्देश्य है कि समाज के हर घर तक यह जागरूकता पहुंचे. ताकि स्वस्थ और शिक्षित भारत का निर्माण हो सके. कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के शिक्षक श्री ऋतुराज ने किया. उन्होंने आशा दीदी एवं पीएचसी केंद्र के स्वास्थ्यकर्मियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल से ही हम एक स्वस्थ और शिक्षित समाज की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. मौके पर स्वास्थ्य विभाग के दीपक, संकुल समन्वयक अरविंद कुमार, प्रभारी एचएम कुमार, प्रधानाध्यापिका अर्चना कुमारी, शिक्षक अरुण कुमार एवं आशा दीदी उपस्थित रही.
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