इलाज नहीं होने पर टाइफाइड भी हो सकता है जानलेवा

आइएमए भवन में टाइफाइड विषय पर हुआ सेमिनार चिकित्सकों ने टाइफाइड में ईलाज को ले दिये कई सुझावप्रतिनिधि, समस्तीपुरशहर के काशीपुर स्थित आइएमए भवन में बुधवार की संध्या टाइफाइड (मियादी बुखार) विषय पर सेमिनार का आयोजन हुआ. सेमिनार में टाइफाइड के लक्षण, इलाज, रोकथाम एवं दवा को लेकर विशेष जानकारियां दी गयी. मुख्य वक्ता के […]

आइएमए भवन में टाइफाइड विषय पर हुआ सेमिनार चिकित्सकों ने टाइफाइड में ईलाज को ले दिये कई सुझावप्रतिनिधि, समस्तीपुरशहर के काशीपुर स्थित आइएमए भवन में बुधवार की संध्या टाइफाइड (मियादी बुखार) विषय पर सेमिनार का आयोजन हुआ. सेमिनार में टाइफाइड के लक्षण, इलाज, रोकथाम एवं दवा को लेकर विशेष जानकारियां दी गयी. मुख्य वक्ता के रूप में सेमिनार को संबोधित करते हुए शहर के जाने माने चिकित्सक एस मुखर्जी ने कहा कि सही समय पर इलाज नहीं होने से टाइफाइड जैसी छोटी सी बीमारी भी जानलेवा हो सकती है. यह बीमारी दूषित पानी व गंदगी से होता है और लगभग हर व्यक्ति को कभी न कभी इससे सामना करना पड़ता है. मरीज को तेज बुखार आना, सिर दर्द, उलटी, भूख मर जाना, ठंड के साथ बुखार आना आदि इस बीमारी के मुख्य लक्षण बताये गये हैं. श्री मुखर्जी ने इससे बचाव, दवा एवं सावधानियों पर भी विस्तृत रूप से चर्चा की. इससे पूर्व आइएमए समस्तीपुर के अध्यक्ष डॉ डीएस सिंह की अध्यक्षता में सेमिनार का शुभारंभ किया गया. अतिथियों का स्वागत आइएमए के सचिव डॉ आरआर झा कर रहे थे. वहीं डॉ आनंद कुमार ने सेमिनार के मुख्य वक्ता डॉ एस मुखर्जी को बूके प्रदान का सम्मानित किया. इस अवसर पर डॉ मोनिका सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसी सिन्हा, डॉ चंद्र मणि, डॉ पुष्पा रानी, डॉ हेमंत कुमार सिंह, डॉ निशांत, डॉ एके साहु, डॉ अरुण कुमार झा, डॉ आलोक मिश्रा, डॉ डीके मिश्रा, डॉ उपेंद्र सिंह, डॉ सतीश कुमार सिन्हा, डॉ बीएन प्रसाद, डॉ आरपी देव, डॉ गौरव आनंद, डॉ यूएस प्रसाद, डॉ एनके भारतीय, डॉ आरएन मेहता सहित कई उपस्थित थे.

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