नहीं बन रहे मकान, मजदूर बेरोजगार

भूकंप का असर : धड़ाम से गिरा निर्माण सामग्री का व्यवसाय समस्तीपुर : पिछले चार दिनों से लगातार आ रहे भूकंप के झटकों का इफैक्ट अब बाजार पर भी दिखने लगा है. लोगों को इतना भयभीत कर दिया है कि अर्धनिर्मित मकानों का काम लोगों ने बीच में ही छोड़ दिया है़ पांच दिनों से […]

भूकंप का असर : धड़ाम से गिरा निर्माण सामग्री का व्यवसाय
समस्तीपुर : पिछले चार दिनों से लगातार आ रहे भूकंप के झटकों का इफैक्ट अब बाजार पर भी दिखने लगा है. लोगों को इतना भयभीत कर दिया है कि अर्धनिर्मित मकानों का काम लोगों ने बीच में ही छोड़ दिया है़
पांच दिनों से काम नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य करने वाले मजदूर पूरी तरह बेरोजगार हो गये हैं. वहीं इसका असर निर्माण सामग्री की बिक्री पर भी पड़ा है़ खौफ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई लोगों ने अगले एक माह तक के लिए अपने यहां काम करने वाले मजदूरों को काम करने से मना कर दिया है़
वहीं ईंट की खरीद के लिए संचालकों को दिये गये एडवांस लौटाने एवं ईंट तत्काल नहीं गिराने को भी कह दिया है़ जिससे ईंट भट्ठा में काम नहीं के बराबर हो पा रहा है़
अमूमन एक चिमनी भट्ठा से प्रतिदिन 15 से 20 हजार ईंट का उठाव होता है, लेकिन पिछले पांच दिनों में इसमें काफी गिरावट आयी है़ यही हाल सीमेंट, छड़, गिट्टी व बालू आदि सामग्रियों की बिक्री पर भी हुआ है़ खराब मौसम और प्राकृतिक आपदा का कहर सबसे अधिक गरीब तबके के मजदूरों पर हुआ है़ भले ही उनके पक्के मकान क्षतिग्रस्त नहीं हुए हों, लेकिन कुदरत ने उनकी रोजी रोटी पर जरूर चोट किया है़
इसका असर केवल भवन निर्माण पर नहीं देखा जा रहा है़ खराब मौसम और बारिश की संभावना को देखते हुए सड़क निर्माण का काम भी कई जगहों पर तत्काल रोक दिया गया़ कई लोगों ने बताया कि भूकंप के अभी और झटके आने की संभावना को देखते हुए चल रहे निर्माण कार्य को रूकवा दिया है़
कहते हैं व्यवसायी
समस्तीपुर : बिल्डिंग मेटेरियल के थोक विक्रेता सारी चौक स्थित अमृत स्टील के संचालक संजीव कुमार की माने तो भूकंप के कारण पूरा व्यवसाय पिछले चार दिनों से ठप है. इनके गोदाम का दीवार गिर गया है.
डर के मारे मजदूर काम करने को नहीं आ रहे हैं. हर वर्ग में दहशत का व्याप्त है. मथुरापुरघाट स्थित अमित इंडस्ट्रीज के संचालक राम नारायण गुप्ता कहते हैं कि भूकंप के बाद दो दिनों तक तो व्यवसाय पूरी तरह से ठप रहा लेकिन आज से थोड़ी बहुत बिक्री शुरू हुई है. मजदूर के साथ-साथ आम लोग व व्यवसायी में भय का माहौल है.
ऐसे में भवन निर्माण के बजाय फिलहाल लोग अपने आप को सुरक्षित करने में लगे हैं.बिल्डिंग मेटेरियल के व्यवसायी सुभाष कुमार की मानें तो भूकंप का डर लोगों के जेहन में बैठ गया है. इसका असर व्यवसाय पर काफी पड़ा है. पिछले चार दिनों से व्यवसाय पूर्ण रूप से ठप है. उस पर से मंगलवार को आयी तेज आंधी-पानी ने लोगों को और दहशत में डाल दिया है.
जय माता दी ट्रेडर्स के संचालक सुनील कुमार की माने तो शनिवार से दुकान में बोहनी तक नहीं हुआ है. खासकर लेबर-मिस्त्री के नहीं मिलने के कारण भवन निर्माण का कार्य पूर्णत: ठप हो गया है. भूकंप के डर से लेबर मिस्त्री काम पर नहीं पहुंच रहे हैं. मेटेरियल के बिक्री में कमी आने से उसके कीमत पर भी थोड़ा बहुत असर देखने को मिल रहा है. बालू-छड़ के दामों में कमी भी आयी है.

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