बसढि़या राजस्व शिविर से वर्ष 2011 में चोरी हुई थी राजस्व रसीददर्ज प्राथमिक में दो नामजद, जांच में जुटी पुलिसदलसिंहसराय. आखिरकार भूमि राजस्व रसीद के वॉल्यूम चोरी का मामला चार वर्ष बाद थाने में दर्ज हो सका. बसढि़या राजस्व शिविर से 11 अक्तूबर 11 को राजस्व रसीद के एक वाल्यूम (पचास पीस) की चोरी हुई थी. इसको लेकर काफी जद्योजहद के बाद अंतत: प्राथमिकी कांड सं़ 133/2015 सीओ के आवेदन पर दर्ज की गई. इसमें बसढि़या गांव के रामजीवन सिंह व उसके चाचा टुन्नीलाल सिंह को नामजद किया गया है. पुलिस मामले को लेकर छानबीन व अग्रेत्तर कार्रवाई में जुट गई है. कांड अनुसंधानक गुलजार राम नट ने बताया कि राजस्व रसीद चोरी के बाद अंचल कार्यालय कर्मी खोजबीन में थें. इसी दौरान प्राथमिकी अभियुक्त टुन्नीलाल सिंह चोरी हुए रसीद के भूमि संबंधी कटे रसीद लेकर अगला रसीद कटवाने अंचल कार्यालय पहुंचा था. जहां कर्मियों ने चोरी हुए रसीद के नंबर को देख पूछताछ की. पुलिस को सूचना मिली. तब जाकर उसने अपने भतीजे रामजीवन सिंह से रसीद प्राप्त करने की बात बताते हुए उक्त आशय का शपथ पत्र भी दिया. तब मामला सामने आ सका. राजस्वकर्मी मीरा कुमारी ने कहा कि बसढि़या शिविर से वर्ष 2011 के 11 अक्तूबर को दो प्रति वाली पचास रसीदों की एक वॉल्यूूम चोरी हुई थी.
चार साल बाद दर्ज हुआ राजस्व रसीद चोरी मामला
बसढि़या राजस्व शिविर से वर्ष 2011 में चोरी हुई थी राजस्व रसीददर्ज प्राथमिक में दो नामजद, जांच में जुटी पुलिसदलसिंहसराय. आखिरकार भूमि राजस्व रसीद के वॉल्यूम चोरी का मामला चार वर्ष बाद थाने में दर्ज हो सका. बसढि़या राजस्व शिविर से 11 अक्तूबर 11 को राजस्व रसीद के एक वाल्यूम (पचास पीस) की चोरी हुई […]
