टॉल टैक्स. नगर बोर्ड की बैठक में लिया गया फैसला
समस्तीपुर : कपरूरी बस पड़ाव से खुलने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों से टॉल की वसूली नये दर पर ही होगी. एसडीओ के समक्ष हुए वार्ता और उसमें लिये गये संशोधन को नगर परिषद बोर्ड ने खारिज कर दिया है. नये दर पर वसूली संभवत: रविवार से शुरू कर दी जायेगी. यह निर्णय शनिवार को नगर परिषद बोर्ड की बैठक में सर्व सम्मति से लिया गया.
बोर्ड की बैठक में सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए माली हालत की ओर इशारा किया. जिसे दुरुस्त रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इस बस पड़ाव से होने वाली आय में कमी को नगर परिषद के लिए हितकर नहीं बताया. सदस्यों ने कहा कि जब बोर्ड ने निर्णय लिया तो इस पर वार्ता को अहमियत नहीं दी जा सकती है. वैसे बढ़ाये गये दर पर चालकों की ओर से हुए आंदोलन के बाद एसडीओ के समक्ष वार्ता के प्रस्ताव को पटल पर रखा गया. जिसे बोर्ड ने सिरे से खारिज करते हुए नगर परिषद द्वारा टाल को लेकर लिये गये निर्णय पर ही अमल करने की बात कही. इस बीच टॉल वृद्धि के प्रस्ताव को क्षेत्रीय कार्यालय भेजने का भी निर्णय लिया गया.
प्रस्ताव पर निर्णय आने तक बढ़े हुए दर पर ही वसूली होगी. निर्णय आने के बाद उसके अनुरूप कार्य किया जायेगा. बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य पार्षद अर्चना देवी ने कहा कि सदस्यों को चर्चा में हिस्सा लेने से पूर्व एसडीओ सुधीर कुमार के समक्ष हुई वार्ता प्रस्ताव की कॉपी उपलब्ध करायी गयी थी ताकि सदस्य उसका अवलोकन कर पूरी तरह से आश्वस्त होने के बाद बोर्ड की बैठक में अपना मंतव्य रख सकें. सदस्यों ने बोर्ड की बैठक में जो निर्णय लिया है उस पर नियमानुकूल अमल करने का प्रयास किया जायेगा. बैठक में नगर परिषद के उपाध्यक्ष सुजय कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी शशिभूषण प्रसाद, बोर्ड के सदस्य विश्वनाथ साह, मनोज कुमार जायसवाल, राकेश राज, अरुण प्रकाश, सुनील कुमार आदि थे.
वृद्धि पर उबले थे चालक
इससे पूर्व बस पड़ाव का टेंडर होने के बाद बढे हुए दर पर जैसे ही संवेदक ने टाल वसूली शुरू की चालकों में उबाल आ गया था. बस और ऑटो चालकों ने अपने संगठन की अगुवाई में लगातार आंदोलन शुरू कर दिया. इसके बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुधीर कुमार ने सभी पक्ष को वार्ता के लिए बुलाया था.
जिसमें नगर परिषद को संशोधित दर पर टाल वसूली को कहा गया. इस पर चालक और उसका संगठन भी राजी हो गया. इसके बाद आंदोलन वापस ले लिया गया. लेकिन बोर्ड ने बैठक कर वार्ता में हुए निर्णय को पलट दिया है. जिस पर नगर परिषद अब कायम है.
