प्लास्टिक की चादर व खाने को अनाज के लिये भी करनी पड़ती चिरौरीप्रतिनिधि, विद्यापतिनगरकहते हैं डूबते को तिनका का सहारा भी जीवन दायी होता है़ प्रखंड में अगलगी की घटना में सब कुछ खो चुके पीडि़त मिलने वाली सरकारी सहायता को मोहताज हैं़ विगत दो वर्ष से प्रखंड क्षेत्र के अग्निपीडि़तों को मिलने वाली अनुदान की राशि नहीं दी गयी है़ तत्काल सहायता के तौर पर चार हजार दो सौ रुपया देने का सरकारी प्रावधान है़ बीते दो वर्ष में पच्चीस लोगों की संपत्ति आग में जल कर राख हुई है़ यह संख्या बढ़ भी सकती है़ कइयों ने घटना की जानकारी अंचल को नहीं दी़ कारण सहायता राशि व खाद्यान्न की चाहत में जले बदन पर कठिनाई रुपी नमक के अहसास का होना है़ इस वर्ष व्यतीत महज एक माह में दस लोग अगलगी की घटना के शिकार हुए हैं़ इनमें बढ़ौना गांव के प्रमोद दास, आशा देवी, गढ़सिसई के शत्रुघ्न दास, इसापुर के विरेंद्र महतो, शेरपुर के प्रमोद राय, कांचा के मो़ मुसलिम, मो़ असरफ का नाम शामिल है़ जिन्हें अनुदान की राशि अब तक नहीं मिली है़ इसे लेकर शेरपुर की मुखिया नीजु कुमारी ने बताया कि पंचायत में अग्निपीडि़त को प्लास्टिक चादर व एक क्विंटल अनाज देने का प्रावधान भी खटायी में पड़ा है़ एक माह पूर्व पंचायत के प्रमोद राय का घर अगलगी की घटना में राख हुई. इस घटना में जान माल का बड़ा नुकसान होने की जानकारी दी गयी थी़ इसमें पीडि़त को अनुदान की राशि व खाद्यान्न की कौन कहे सर ढकने को प्लास्टिक चादर भी नहीं दिया गया.
दो वर्ष से नहीं मिल रहा अग्निपीडि़तों को अनुदान
प्लास्टिक की चादर व खाने को अनाज के लिये भी करनी पड़ती चिरौरीप्रतिनिधि, विद्यापतिनगरकहते हैं डूबते को तिनका का सहारा भी जीवन दायी होता है़ प्रखंड में अगलगी की घटना में सब कुछ खो चुके पीडि़त मिलने वाली सरकारी सहायता को मोहताज हैं़ विगत दो वर्ष से प्रखंड क्षेत्र के अग्निपीडि़तों को मिलने वाली अनुदान […]
