नप कर्मचारियों ने दिया मुख्य पार्षद को 16 अप्रैल तक का अल्टीमेटम
समस्तीपुर : बकाया वेतन का भुगतान नहीं होने से नगर परिषद के कर्मचारी खासे नाराज हैं. नप की आय के पाई-पाई का हिसाब किताब जोड़ कर वे अपना 31 महीने का भुगतान चाहते हैं. यदि ऐसा नहीं हुआ तो एक बार फिर आंदोलन की राह धरने में संकोच नहीं करेंगे.
बिहार लोकल वॉडिज इम्प्लाइज फेडरेशन के जिला सचिव गणोश कुमार ठाकुर ने इस संबंध में नगर परिषद के मुख्य पार्षद अर्चना देवी एवं उप मुख्य पार्षद सुजय कुमार को पत्र भेज कर पहले ही आगाह कर दिया है. जिसमें भुगतान के लिए 16 अप्रैल तक का समय दिया गया है. समय सीमा के अंदर यदि भुगतान की दिशा में कदम नहीं उठाया गया तो 17 अप्रैल से आंदोलन की शुरुआत करने की घोषणा भी कर दी है.
इसकी जिम्मेदारी भी नगर परिषद प्रशासन के ऊपर ही थोप दिया है. इसके साथ ही नगर परिषद की ओर से कर्मचारियों की उपस्थिति मशीन पर दर्ज कराने के आदेश को भी तब तक मानने से इनकार कर दिया है जब तक वेतन अद्यतन नहीं हो जाता है और जिला मुख्यालय एवं अनुमंडल कार्यालय में मशीन पर हाजिरी बनाने का सिस्टम लागू नहीं हो जाता है.
कुल मिला कर जिस तरह से कर्मचारियों ने बकाया भुगतान को लेकर अभी से अपनी गोलबंदी शुरू कर दी है उससे साफ जाहिर हो रहा है कि इस बार नगर परिषद को इनकी मांगों की अनदेखी करना गतिरोध को हवा देने जैसा होगा. देखना है कि कर्मचारियों के इस रुख को भांप कर नगर परिषद प्रशासन बकाया भुगतान के मुद्दे को लेकर कौन सा और कब तक रास्ता तैयार कर पाती है या फिर पहले ही की भांति कर्मचारियों को आंदोलन की राह धरनी पड़ती है.
भुगतान के सुझाये उपाय
नगर परिषद की माली हालत की दुहाई से चौकóो हो चुके कर्मचारियों ने बकाया भुगतान के लिए नगर परिषद प्रशासन को उपाय भी सुझाये हैं. कहा गया है कि सरकार से वेतन मद में अनुदान की राशि 14784691, असंबंध अनुदान वेतन मद में 5000000, 13 वीं वित्त आयोग के प्राथमिक कार्यो के वेतनादि के लिए 4408567 एवं बीते मार्च महीने में वसूली एवं बंदोबस्ती से उपलब्ध हुई राशि 4000000 रुपये को मिला कर बकाया भुगतान हो सकता है.
वेतन विसंगति से भी है नाराजगी
नगर परिषद के कर्मचारियों की नाराजगी अनुबंध पर बहाल कंप्यूटर ऑपरेटर को किये जाने वाले भुगतान की राशि और नियमित तौर पर नियुक्त कर्मचारियों के वेतन में विसंगति को लेकर भी है. कर्मचारी संगठन का कहना है कि ऑपरेटर को प्रति माह 21 हजार 5 सौ रुपये का भुगतान किया गया है. वहीं प्रधान सहायक सह लेखापाल को 19 हजार रुपये प्रति माह भुगतान होता है. इस परिस्थिति में कर्मचारी भी षष्टम वेतनमान से भुगतान किया जाना चाहिए.
कपरूरी बस पड़ाव : पुराने दर पर ही चल रही टॉल टैक्स की वसूली
समस्तीपुर : टॉल टैक्स बढ़ाये जाने के बाद उत्पन्न हुआ कपरूरी बस पड़ाव का गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार को नगर परिषद प्रशासन, बोर्ड के सदस्य, मोटर व्यवसायी संघ के साथ एसडीओ की उपस्थिति में हुए फैसले खटाई में पड़ गये हैं. मंगलवार को नगर परिषद ने अपने स्तर से तो टॉल टैक्स की वसूली अवश्य शुरू की परंतु दर पुराना ही रखा है.
संशोधित दर को लागू करने की बात दब गयी. इससे वार्ता में हुए फैसलों पर संशय के बादल मंडराने लगा है. नगर परिषद सूत्रों का कहना है कि वार्ता के दौरान नगर परिषद की माली हालत का हवाला देकर दर को और बढ़ाने पर जोर दिया गया था लेकिन संगठन की जिद आड़े आ गयी. एसडीओ ने संशोधित दर तय कर दिया. निविदा रद करने की बात भी हुई.
नगर परिषद स्थायी समिति के सदस्य राकेश राज का कहना है कि वार्ता में लिये गये फैसलों से संबंधित पत्र अब तक नगर परिषद प्रशासन को अप्राप्त है ऐसे में नये दर पर वसूली करना न्याय संगत प्रतीत नहीं हो रहा है. इसके कारण पुराने दर को ही चालू रखा गया. वैसे उन्होंने कहा कि बस पड़ाव के ठेकेदार की जगह नप प्रशासन खुद वसूली करवा रही है. जल्द ही इस मुद्दे को लेकर बोर्ड की बैठक बुलायी जायेगी. इसमें हर पहलू पर विस्तार से चर्चा होगी.
उसमें फैसले लिये जायेंगे. इसके बाद ही टॉल दर को लेकर विधिवत जानकारी दी जा सकती है. इधर, जिला मोटर व्यवसायी संघ पुराने दर पर ही टाल की वसूली किये जाने से आशंकित नजर आ रहा है. चालकों ने आशंका जतायी है कि नप प्रशासन कहीं अंदर ही अंदर कोई खिचड़ी तो नहीं पका रही जिसका खामियाजा उन्हें बाद में भुगतना पड़ेगा. वैसे संगठन के कोई सदस्य खुल कर इस पर चर्चा करने को तैयार नहीं हैं. ऐसे में नगर परिषद प्रशासन के अगले कदम की प्रतीक्षा की जा रही है.
