बंद हो टालमटोल की कार्यसंस्कृति

समस्तीपुर : पदाधिकारियों के द्वारा मौखिक आश्वासन देने के बाद भी लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं किये जाने से आक्रोशित टोला व शिक्षा स्वयं सेवकों ने डीइओ कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ प्रदर्शन करते हुए डीपीओ व पीओ साक्षरता का घेराव किया. प्रदर्शन कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे महादलित टोला सेवक संघ […]

समस्तीपुर : पदाधिकारियों के द्वारा मौखिक आश्वासन देने के बाद भी लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं किये जाने से आक्रोशित टोला व शिक्षा स्वयं सेवकों ने डीइओ कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ प्रदर्शन करते हुए डीपीओ व पीओ साक्षरता का घेराव किया. प्रदर्शन कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे महादलित टोला सेवक संघ के अनिल कुमार महतो ने कहा कि पदाधिकारियों के द्वारा की जा रही टालमटोल की कार्यसंस्कृति बंद हो.
साथ ही हमारी लंबित पड़े मांगों पर विचार करते हुए विभाग स्तर पर पहल शुरू की जाये. संघ के सचिव नरेश रजक ने कहा कि जब से माध्यमिक शिक्षा में टोला सेवकों का स्थानांतरण किया गया, तब से कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है. नये नये पदाधिकारी आते हैं और नये नये नियम लागू होते हैं. उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 170 उत्थान केंद्र बंद पड़े हैं. नये टोला एवं शिक्षा स्वयं सेवक का मानदेय भुगतान अविलंब किया जायेगा. साथ ही मानदेय भुगतान प्रत्येक माह की 10 तारीख तक हो.

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