समस्तीपुर : मंडल के डीजल शेड में तकनीशियन वन के पद पर कार्यरत अरुण कुमार फोरमैन की प्रताड़ना से तंग आकर मंगलवार को लाइट इंजन के समक्ष छलांग लगा दी. इससे वह बुरी तरह से जख्मी हो गया. गंभीर अवस्था में उसे इलाज के लिए रेल अस्पताल में भरती कराया गया.
जहां वह आइसीयू में जीवन और मौत के बीच झूल रहा है. घटना की सूचन मिलते ही कर्मियों में खलबली मच गयी. देर संध्या कर्मचारियों का जत्था रेल अस्पताल पहुंच कर फोरमैन व सीनियर डीएमइ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. वहीं मंडल रेल प्रबंधक सुधांशु शर्मा अस्पताल पहुंच कर घायल कर्मी को बेहतर चिकित्सा प्रदान करने को लेकर आदेश सीएमएस डॉ मोनिका सिंह को दिया.
घटना के संबंध में घायल कर्मचारी की पत्नी चिंता देवी का कहना है कि वह इलाज कराने के लिए गत तीन मार्च को बाहर गयी थी. इलाज के बाद वापस लौटी तो फोरमैन ने उसके पति के साथ र्दुव्यवहार किया. साथ ही कार्यालय से बाहर निकाला दिया. इसके बाद उन्होंने लाइट इंजन के समक्ष छलांग लगा दिया.
उपस्थित रेल कर्मचारियों ने भी इसकी पुष्टि की. साथ ही डीजल शेड में इस तरह की गतिविधि को लेकर अन्य कर्मचारियों के भी पीड़ित होने की बात कही. फिलवक्त घायल कर्मचारी बेहोश है. इसके होश में आने पर ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा. डीआरएम का कहना है कि कर्मचारी की बेहतर चिकित्सा के लिए सीएमएस को आदेश दिया गया. इसके साथ ही इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जायेगी. रिपोर्ट आने पर अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी.
फोरमैन पर कार्रवाई नहीं हुई तो बंद होगा डीजल शेड में कामकाज
डीजल शेड कर्मचारी अरुण कुमार के द्वारा प्रताड़ना से तंग आकर इंजन के आगे छलांग लगाने की घटना के बाद से एसीएसटी रेल कर्मचारी संघ में उबाल आ गया है. संगठन के मंडल मंत्री लाल बाबू राम ने कहा है कि फोरमैन के खिलाफ अगर रेल प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो डीजल शेड को बंद कर दिया जायेगा. इसके बाद चरणबद्ध आंदोलन चलाया जायेगा. उन्होंने सीनियर डीएमइ व फोरमैन की मनमानी के खिलाफ डीआरएम से मिलकर कार्रवाई करने की मांग की.
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि डीजल शेड के कर्मचारियों को पिछले कई महीने से प्रताड़ित किया जा रहा है. इसकी सूचना वरीय अधिकारी को भी नहीं दी जा रही है. डीजल शेड के कर्मचारियों की हालत दिन व दिन प्रताड़ना के कारण खराब होती जा रही है. संगठन के अन्य सदस्यों के साथ पूरे मंडल में आंदोलन शुरू किया जायेगा. घायल कर्मी व उसके परिजनों को न्याय दिलाने के लिए हमेशा उसके साथ रहा जायेगा. रेल अस्पताल में मौजूद घायल कर्मचारी की पत्नी व बेटी बेहाल थी. संगठन से इन लोगों ने न्याय दिलाने की राह तय करने में मदद करने की गुजारिश की. मौके पर दशरथ पासवान, अशोक कुमार, रामाशीष राय, कन्हैया लाल पासवान आदि थे.
