एक रात भी नहीं जलेगी ‘आपदा की लकड़ी’

समस्तीपुर : जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है़ बुधवार से तो कनकनी भी शुरू हो गयी़ सरकार ने इससे निबटने के लिए जिले को राशि भी प्रदान कर दी है़ लेकिन, ठंड से मुकाबले की यह कवायद ‘ऊं ट के मुंह में जीरा’ से कम नहीं है़ दूसरे शब्दों में कहें तो आपदा […]

समस्तीपुर : जिले में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है़ बुधवार से तो कनकनी भी शुरू हो गयी़ सरकार ने इससे निबटने के लिए जिले को राशि भी प्रदान कर दी है़ लेकिन, ठंड से मुकाबले की यह कवायद ‘ऊं ट के मुंह में जीरा’ से कम नहीं है़
दूसरे शब्दों में कहें तो आपदा की यह लकड़ी एक रात भी जल जाये तो गनीमत ही है़ यहां सवाल खड़ा होता है कि इतनी कम राशि से आखिर प्रशासन ठंड से कैसे निपटेगा़ बतातें चलें कि जिले को महज पचास हजार रुपये मिले हैं़ जिला प्रशासन ने इसका आवंटन भी प्रखंडों को कर दिया है़ जिसमें कहा गया कि उक्त राशि का उपयोग अलाव जलाने के काम लाया जायेगा़ प्रशासनिक निर्देश में कहा गया कि अलाव जलाने का स्थान चयन करते समय यह ध्यान रखा जाये कि अलाव ऐसे स्थान पर जले, जहां अधिक से अधिक गरीब व निर्धन लोग आसमान के नीचे निवास करते हों. लेकिन, यहां सवाल खड़ा होता है, इतनी कम राशि से प्रशासन कब तक अलाव की गर्मी लोगों को दे पायेगा़
सात डिग्री तापमान पर जलेगा अलाव
सरकार ठंड और शीतलहर में तापमान और गिरने का इंतजार कर रही है़ अलाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने राशि का आवंटन कर दिया है, लेकिन अलाव जलाने की स्वीकृति नहीं दी है़ कहा है कि सात डिग्री से नीचे सामान्य तापमान होने पर ही अलाव जलाया जायेगा़
अर्थात सरकार सात डिग्री तापमान गिरने तक का इंतजार कर रही है़ जिला प्रशासन को पर्याप्त मात्र में अलाव की व्यवस्था करने को कहा गया है़ जानकारी के अनुसार समस्तीपुर हरी व ग्रामीण क्षेत्र के लिए 9, पटोरी, दलसिंहसराय व रोसड़ा अनुमंडल के लिए अलग अलग 3 हजार व अंचल क्षेत्रों को 22 हजार रुपये जिला आपदा प्रशाखा के द्वारा 13 दिसंबर को उप आवंटन किया जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >