Waterlogging Crisis : लगातार से बारिश से विशनपुर पंचायत की सड़क पर पैदल चलना तक कठिन हो गया है. दोपहिया वाहन चालक फिसलने के डर से सड़क पार करने से बच रहे हैं. शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण जलजमाव वाली सड़क पर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.
ग्रामीणों ने लगाया अतिक्रमण से निकासी बाधित होने का आरोप
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क किनारे की भूमि पर स्थानीय निवासी बद्री यादव और सिकेंद्र यादव द्वारा मिट्टी भराई किए जाने से बारिश के पानी की निकासी का रास्ता बंद हो गया है. उनका कहना है कि इसी कारण हर वर्ष बरसात में सड़क पर लंबे समय तक जलजमाव बना रहता है. प्रदर्शन में उपेंद्र दास, देवन शर्मा, चंचल दास, बीरवल तांती सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं शामिल रहीं. सभी ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की.
स्कूली बच्चे और राहगीर सबसे अधिक परेशान
ग्रामीणों के अनुसार सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है. बच्चों को रोजाना पानी और कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जिससे कई बार वे फिसलकर गिर जाते हैं. बाइक सवार भी आए दिन सड़क पर संतुलन खोकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है.
आवेदन के बावजूद कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि अंचल अधिकारी को कई बार लिखित आवेदन देकर अतिक्रमण हटाने और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. दूसरी ओर बद्री यादव और सिकेंद्र यादव ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मिट्टी भराई उनकी निजी जमीन पर की गई है, सरकारी सड़क पर नहीं. उनका कहना है कि प्रशासन राजस्व अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर सकता है.
निष्पक्ष जांच और स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की विधिवत मापी कराने, अतिक्रमण पाए जाने पर उसे हटाने तथा जल निकासी और सड़क मरम्मत की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. फिलहाल लगातार बारिश के बीच ग्रामीणों की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.
