Saharsa News: सहरसा जिले के सोनवर्षाराज थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल की बस को कथित रूप से जबरन कब्जे में लेकर उसे छोड़ने के बदले ₹5 लाख रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है. स्कूल संचालक ने आरोप लगाया है कि बस के पूर्व मालिक और उसके भाई ने चालक के साथ मारपीट की, उसे कई घंटे तक बंधक बनाकर रखा और अतिरिक्त चाभी की मदद से बस लेकर चले गए. पुलिस ने आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
यह मामला निजी वाहन लेन-देन, फाइनेंस पर खरीदे गए वाहन और कथित आपराधिक दबाव जैसे कई पहलुओं से जुड़ा हुआ है. फिलहाल पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है.
स्कूल संचालक ने क्या आरोप लगाया
थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के तरियामा वार्ड संख्या छह निवासी और ब्राइट फ्यूचर पब्लिक स्कूल के निदेशक दीपक कुमार ने शिकायत दर्ज कराई है.
उन्होंने बताया कि बस संख्या BR 50P 7322 वर्ष 2024 में चोला फाइनेंस कंपनी के माध्यम से ऋण पर खरीदी गई थी. आवेदन में कहा गया है कि इसके लिए फॉर्म-34 भी उपलब्ध कराया गया था और वाहन खरीदने के बाद से ऋण की किस्तें नियमित रूप से जमा की जा रही हैं.
फिटनेस और ट्रांसफर के बहाने बुलाने का आरोप
आवेदन के अनुसार बस के पूर्व मालिक अंकित कुमार सिंह ने मूल ऑनर बुक और अतिरिक्त चाभी देने के नाम पर उन्हें सहरसा के नया बाजार स्थित एक निजी विद्यालय बुलाया था.
शिकायत में कहा गया है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि वाहन का फिटनेस और ट्रांसफर कराने में सुविधा हो सके.
चालक को बंधक बनाने और बस ले जाने का दावा
दीपक कुमार ने आरोप लगाया है कि 26 जुलाई की सुबह बस का फिटनेस कराने के लिए चालक वाहन लेकर सहरसा गया था.
उनके अनुसार वहां अंकित कुमार सिंह और उसके भाई मनीष कुमार सिंह ने चालक के साथ मारपीट की, उसे लगभग पांच घंटे तक बंधक बनाए रखा और अतिरिक्त चाभी की मदद से बस लेकर चले गए.
₹5 लाख रंगदारी मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता का दावा है कि बस वापस करने के बदले ₹5 लाख की मांग की गई.
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि राशि नहीं देने पर वाहन को क्षतिग्रस्त करने की धमकी दी गई. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और पुलिस इन्हीं दावों की जांच कर रही है.
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
सोनवर्षाराज थाना प्रभारी नागमणि ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और उपलब्ध दस्तावेजों, वाहन स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड तथा संबंधित व्यक्तियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
Saharsa News: जांच के बाद होगा आगे का निर्णय
यह मामला केवल कथित रंगदारी का नहीं, बल्कि वाहन स्वामित्व, फाइनेंस दस्तावेज और कब्जे से जुड़े विवाद का भी हो सकता है.
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि बस के स्वामित्व, ट्रांसफर प्रक्रिया और वाहन कब्जे से संबंधित तथ्य क्या हैं. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और किन धाराओं में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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