सहरसा में भीषण गर्मी के कारण 22 जून तक बंद रहेंगे कक्षा 8 तक के सभी स्कूल, DM का आदेश जारी

Saharsa School Closed: सहरसा में बढ़ती गर्मी और तापमान को देखते हुए डीएम ने कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और कोचिंग संस्थान 22 जून तक बंद रखने का आदेश जारी किया है.

सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट

Saharsa School Closed: सहरसा में लगातार बढ़ रही गर्मी और तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. जिला दंडाधिकारी दीपेश कुमार ने कक्षा 8 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को 22 जून तक स्थगित करने का आदेश जारी किया है. यह आदेश 19 जून से प्रभावी होगा और जिले के सभी शिक्षण संस्थानों पर लागू रहेगा.

जारी आदेश के अनुसार प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों और कोचिंग संस्थानों में भी कक्षा 8 तक की शैक्षणिक गतिविधियां 22 जून तक बंद रहेंगी. प्रशासन ने कहा है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है.

11 बजे तक ही चलेंगी बड़ी कक्षाएं

जिलाधिकारी के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कक्षा 8 से ऊपर की कक्षाओं का संचालन पूरी तरह बंद नहीं रहेगा. हालांकि बढ़ती गर्मी को देखते हुए इन कक्षाओं की पढ़ाई पूर्वाह्न 11 बजे तक ही संचालित की जा सकेगी.

प्रशासन का मानना है कि दोपहर के समय अत्यधिक गर्मी और लू जैसी स्थिति छात्रों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है. ऐसे में स्कूलों के संचालन समय में बदलाव आवश्यक है.

बच्चों की सुरक्षा को लेकर लिया गया फैसला

जिला दंडाधिकारी दीपेश कुमार ने अपने आदेश में कहा है कि जिले में इन दिनों तापमान लगातार बढ़ रहा है. भीषण गर्मी के कारण बच्चों के बीमार पड़ने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका है. इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के तहत यह आदेश जारी किया गया है.

उन्होंने सभी सरकारी एवं निजी शिक्षण संस्थानों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

स्कूलों और कोचिंग संचालकों को दिए गए निर्देश

जिला प्रशासन ने विद्यालय प्रबंधन, आंगनबाड़ी केंद्रों और कोचिंग संस्थानों को निर्देश दिया है कि आदेश का उल्लंघन नहीं किया जाए. संबंधित विभागों को भी निगरानी रखने और आदेश के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है.

गर्मी के मौजूदा हालात को देखते हुए अभिभावकों ने भी जिला प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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