सहरसा से अंजन आर्यन की रिपोर्ट.
Saharsa Sadar Hospital : मॉडल सदर अस्पताल सहरसा में रविवार को ओपीडी सेवा बंद रहेगी. ऐसे में इलाज के लिए आने वाले सभी मरीजों को आपातकालीन कक्ष में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. अस्पताल प्रशासन ने रविवार के लिए विशेष ड्यूटी रोस्टर जारी किया है ताकि महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चों सहित सभी मरीजों का उपचार सुचारु रूप से किया जा सके. ओपीडी बंद रहने के कारण मरीजों की भीड़ इमरजेंसी वार्ड में रहने की संभावना है.
रविवार को इमरजेंसी ही बनेगी इलाज का केंद्र
सामान्य दिनों में मॉडल सदर अस्पताल की ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. यहां विभिन्न विभागों के डॉक्टर अपनी सेवाएं देते हैं. लेकिन रविवार को नियमित ओपीडी बंद रहने के कारण सभी मरीजों को आपातकालीन कक्ष के माध्यम से चिकित्सा सुविधा दी जाएगी.
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए चिकित्सकों की तैनाती की गई है. इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर मरीजों की जांच कर आवश्यक परामर्श और उपचार उपलब्ध कराएंगे.
दिनभर अलग-अलग शिफ्ट में डॉक्टर रहेंगे तैनात
रविवार को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक डॉ अखिलेश्वर प्रसाद आपातकालीन कक्ष में सेवाएं देंगे. इसके बाद दोपहर 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक डॉ मुंतका मरीजों की देखभाल करेंगे. वहीं रात्रि 10 बजे से अगले दिन सुबह 8 बजे तक डॉ रौशन लाल की ड्यूटी निर्धारित की गई है.
सर्जिकल जरूरतों के लिए डॉ मुंतका ऑन कॉल रहेंगे. वहीं फिजिशियन और आईसीयू से संबंधित मामलों की जिम्मेदारी डॉ अखिलेश्वर प्रसाद के पास रहेगी.
प्रसूता महिलाओं के लिए भी विशेष व्यवस्था
अस्पताल के आपातकालीन प्रसव गृह में भी चिकित्सकीय व्यवस्था जारी रहेगी. रविवार को पूरे दिन और रात की ड्यूटी डॉ रंभा कुमारी को सौंपी गई है. वे सुबह 8 बजे से लेकर अगले दिन सुबह तक प्रसूता महिलाओं और संबंधित मामलों की देखभाल करेंगी.
अस्पताल जाने से पहले जान लें जरूरी बात
अस्पताल प्रशासन ने मरीजों और उनके परिजनों से अपील की है कि रविवार को ओपीडी सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी. इसलिए सामान्य जांच और परामर्श के लिए सोमवार का इंतजार करें. हालांकि किसी भी आपात स्थिति में मरीज सीधे इमरजेंसी कक्ष पहुंचकर चिकित्सकीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं.
रविवार को ओपीडी बंद रहने के बावजूद अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह सक्रिय रहेंगी, ताकि किसी भी मरीज को इलाज के लिए भटकना न पड़े.
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