लाखों रुपये खर्च, फिर भी नहीं मिल रहा ठंडा पानी, सोनवर्षा के शीतल पेयजल केंद्र बने शोपीस

Saharsa News: भीषण गर्मी में जहां लोगों को ठंडे और स्वच्छ पानी की जरूरत है, वहीं सोनवर्षा नगर पंचायत में लाखों रुपये की लागत से बने शीतल पेयजल केंद्र बंद पड़े हैं. अधिकांश केंद्र या तो खराब हो चुके हैं या फिर उनकी मोटर चोरी हो गई है. ऐसे में जनता सवाल पूछ रही है कि आखिर लाखों रुपये खर्च करने का फायदा किसे मिला?

सहरसा के सोनवर्षा से मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट.

Saharsa News: आम लोगों को स्वच्छ और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोनवर्षा नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में स्थापित शीतल पेयजल केंद्र आज बदहाली का शिकार हैं. लाखों रुपये की लागत से बनाए गए ये केंद्र अधिकांश जगहों पर बंद पड़े हैं. भीषण गर्मी के बीच लोगों को राहत देने के लिए शुरू की गई यह योजना अब सरकारी उदासीनता और रखरखाव की कमी की कहानी बयां कर रही है.

16 वार्डों में लगाए गए थे शीतल पेयजल केंद्र

जानकारी के अनुसार नगर पंचायत के 16 वार्डों में शीतल पेयजल केंद्र स्थापित किए गए थे. प्रत्येक केंद्र पर लगभग चार लाख रुपये खर्च किए गए थे. इनका उद्देश्य राहगीरों, बाजार आने वाले लोगों और आम नागरिकों को गर्मी के दौरान स्वच्छ एवं ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना था.

लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि अधिकांश केंद्र बंद पड़े हैं और लोगों को इनका कोई लाभ नहीं मिल रहा है.

कहीं मोटर चोरी, कहीं मशीनें खराब

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई शीतल पेयजल केंद्र महीनों से खराब हैं. दो केंद्रों से मोटर चोरी हो चुकी है, जबकि कुछ केंद्र तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़े हैं. नगर पंचायत कार्यालय के सामने स्थित शीतल पेयजल केंद्र भी लंबे समय से अनुपयोगी बना हुआ है.

गर्मी के मौसम में जब इन केंद्रों की सबसे अधिक जरूरत है, तब उनका बंद रहना लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है.

रखरखाव नहीं, इसलिए बढ़ी समस्या

नगरवासियों का आरोप है कि केंद्रों की स्थापना तो कर दी गई, लेकिन उनके नियमित रखरखाव और सुरक्षा की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं बनाई गई. नतीजा यह हुआ कि लाखों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति धीरे-धीरे बेकार होती जा रही है.

लोगों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत और सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो करीब 20 से 25 लाख रुपये की यह योजना पूरी तरह निष्प्रभावी हो जाएगी.

जनता ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन से खराब पड़े सभी शीतल पेयजल केंद्रों की तत्काल मरम्मत कराने, चोरी हुई मोटरों को पुनः लगाने और नियमित संचालन सुनिश्चित करने की मांग की है.

लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान इन केंद्रों का बंद रहना आम जनता के साथ अन्याय है. अब सभी की निगाहें नगर पंचायत प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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