सहरसा से विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
Saharsa News: कहते हैं कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती, लेकिन कई बार आर्थिक अभाव बड़े से बड़े सपनों के सामने दीवार बनकर खड़ा हो जाता है. सहरसा की बेटी निशा भारती की कहानी इसी संघर्ष और उम्मीद की कहानी है. जवाहर नवोदय विद्यालय, बरियाही की छात्रा निशा ने वर्ष 2025 की नीट परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 4180 हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. लेकिन मेडिकल शिक्षा का भारी खर्च उनके परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया था. ऐसे समय में “शैपिंग फ्यूचर” पहल उनके सपनों की नई ताकत बनकर सामने आई है.
सेल्फ स्टडी से हासिल की बड़ी सफलता
निशा भारती ने मुख्य रूप से सेल्फ स्टडी के जरिए नीट जैसी कठिन परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की. वर्तमान में वह पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं. उनके पिता एक साधारण किसान हैं, जिनकी वार्षिक आय करीब एक लाख रुपये है. ऐसे में मेडिकल की पढ़ाई का खर्च उठाना परिवार के लिए आसान नहीं था.
क्या है Shaping Future पहल?
जनवरी 2022 में शुरू हुई “शैपिंग फ्यूचर” एक अनूठी सामाजिक पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए सहयोग दिलाना है. यह कोई पंजीकृत एनजीओ नहीं है और न ही इसका कोई बैंक खाता है. यह केवल जरूरतमंद विद्यार्थियों और सहयोग करने वाले प्रायोजकों के बीच एक सेतु का काम करती है.
इस पहल के तहत चयनित छात्रों को उनके प्रायोजक शिक्षा पूरी होने तक नियमित आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं, ताकि पैसों की कमी उनके सपनों को अधूरा न छोड़ दे.
सहरसा के दहलान परिवार ने बढ़ाया सहयोग का हाथ
निशा भारती की सफलता को नई उड़ान देने का संकल्प सहरसा के प्रतिष्ठित दहलान परिवार के सदस्य शत्रुघ्न दहलान ने लिया है, जो वर्तमान में जयपुर में रहते हैं. उन्होंने निशा की संपूर्ण मेडिकल शिक्षा का आर्थिक दायित्व उठाने का फैसला किया है. उनका यह कदम सामाजिक संवेदनशीलता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रेरक उदाहरण माना जा रहा है.
एक छात्रा नहीं, पूरे समाज का भविष्य बदलने की पहल
शैपिंग फ्यूचर केवल आर्थिक सहायता का मंच नहीं है, बल्कि यह प्रतिभा और अवसर के बीच की दूरी को खत्म करने का प्रयास है. इस पहल का संदेश साफ है कि किसी भी प्रतिभाशाली छात्र का भविष्य केवल इसलिए नहीं रुकना चाहिए क्योंकि उसके पास संसाधनों की कमी है.
निशा भारती की कहानी बताती है कि सही समय पर मिला सहयोग केवल एक छात्र का नहीं, बल्कि पूरे समाज का भविष्य बदल सकता है. यदि समाज के सक्षम लोग आगे आएं, तो हजारों प्रतिभाएं अपने सपनों को साकार कर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं.
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