मक्का कारोबार में 2 करोड़ से ज्यादा की कथित ठगी, भुगतान का इंतजार करते रहे व्यापारी, गोदाम पर मिला ताला

Saharsa News: सहरसा के सौरबाजार में मक्का कारोबार से जुड़े कथित 2 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है. किसानों और व्यापारियों का आरोप है कि भुगतान से पहले व्यापारी परिवार फरार हो गया.

सौरबाजार (सहरसा) से छत्री कुमार की रिपोर्ट

Saharsa News: सहरसा जिले के सौरबाजार में अनाज कारोबार से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है. आरोप है कि एक थोक अनाज व्यापारी परिवार किसानों और दो दर्जन से अधिक खुदरा व्यापारियों से करीब दो करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य का मक्का खरीदने के बाद फरार हो गया. घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. पीड़ित व्यापारियों ने सौरबाजार थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

पीड़ित व्यापारियों के अनुसार नगर पंचायत सौरबाजार के अनाज कारोबारी वैष्णवी गुप्ता, अनितोष गुप्ता और गोपाल गुप्ता ने अलग-अलग व्यापारियों से बड़ी मात्रा में मक्का खरीदा था. खरीदारी के दौरान 15 से 20 दिनों के भीतर भुगतान करने का भरोसा दिया गया था. इसी भरोसे पर किसानों और खुदरा व्यापारियों ने लाखों रुपये का माल उन्हें सौंप दिया.

भुगतान की तारीख आई तो गोदाम और कार्यालय पर लटका मिला ताला

व्यापारियों का कहना है कि 16 और 17 जून को जब वे तय तिथि के अनुसार भुगतान लेने पहुंचे तो गोदाम और कार्यालय बंद मिले. वहां ताला लटका हुआ था और संबंधित लोगों के मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ थे. आसपास के लोगों से जानकारी लेने पर पता चला कि पूरा परिवार कई दिनों से दिखाई नहीं दिया है.

इसके बाद व्यापारियों को ठगी की आशंका हुई और उन्होंने सामूहिक रूप से पुलिस का दरवाजा खटखटाया.

मधेपुरा से सहरसा तक कई व्यापारी हुए प्रभावित

मामले में सहरसा और मधेपुरा जिले के कई व्यापारियों के प्रभावित होने की बात सामने आई है. पीड़ितों का दावा है कि किसी का दो लाख रुपये तो किसी का 60 लाख रुपये तक का मक्का लिया गया है. भुगतान के बदले व्यापारियों को एक पर्ची दी जाती थी, जिसमें मक्का का वजन, कुल राशि और भुगतान की तारीख दर्ज रहती थी.

व्यापारियों का कहना है कि इसी दस्तावेज के आधार पर वे भुगतान मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन तय समय आने पर पूरा मामला संदिग्ध हो गया.

बैंक ऋण को लेकर भी उठ रहे सवाल

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि संबंधित कारोबारियों ने विभिन्न बैंकों से करीब एक करोड़ रुपये का कैश क्रेडिट (सीसी) लोन लिया हुआ है. हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस और बैंकिंग स्तर पर भी इस पहलू की जानकारी जुटाई जा रही है.

कारोबारियों में बढ़ी बेचैनी, और शिकायतें आने की आशंका

घटना के बाद इलाके के व्यापारियों में चिंता और आक्रोश का माहौल है. उनका कहना है कि इस प्रकरण ने अनाज कारोबार में भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई है. कई लोगों को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं.

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

सौरबाजार थाना पुलिस ने आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपितों की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

Also Read : बिहार में पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा में बड़ा खुलासा, सारण से प्राप्त 566 आवेदन में सिर्फ 258 को ही मिला ऋण

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >