Saharsa Mandi: सहरसा मंडी में बुधवार को अनाज बाजार का मिला-जुला रुख देखने को मिला. मक्का और गेहूं की पर्याप्त आवक के कारण दोनों जिंसों के भाव में हल्की नरमी दर्ज की गई. दूसरी ओर बाहरी बाजारों से मांग बढ़ने के कारण चावल की प्रमुख किस्मों के दाम मजबूत बने हुए हैं. मंडी कारोबारियों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मक्का की आवक और चावल की मांग बाजार की दिशा तय करेगी. यदि आप किसान, व्यापारी या उपभोक्ता हैं तो खरीद-बिक्री से पहले आज का ताजा मंडी भाव जरूर जान लें.
मक्का और गेहूं के दाम पर क्यों बना दबाव
मंडी व्यापारियों के अनुसार किसान लगातार मक्का की बिक्री के लिए मंडी पहुंच रहे हैं. पर्याप्त आवक होने के बावजूद बड़े खरीदार सीमित मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं. इसी कारण मक्का के दाम दबाव में बने हुए हैं.
गेहूं बाजार में भी यही स्थिति देखने को मिली. बाजार में पर्याप्त उपलब्धता होने से कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है.
चावल की मांग ने बाजार को दी मजबूती
मक्का और गेहूं के मुकाबले चावल के बाजार में अच्छी मांग बनी हुई है. खासकर बाहरी राज्यों से खरीद बढ़ने के कारण खिलाखिला और बासमती जैसी प्रमुख किस्मों के भाव मजबूत बने हुए हैं. कारोबारियों का कहना है कि यदि मांग इसी तरह बनी रही तो अगले सप्ताह चावल के दाम में और तेजी देखने को मिल सकती है.
सहरसा मंडी का आज का ताजा भाव
बुधवार को मक्का 1900 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिका.
गेहूं 2400 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल रहा.
चावल खिलाखिला 5300 से 5400 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया.
24 कैरेट बासमती और 24 कैरेट जी हां चावल 5700 से 5800 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिके.
मसूर दाल 6500 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल रही.
अरहर दाल 12500 से 13000 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई.
चना दाल 7500 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल रही.
गोटा चना 6500 से 6700 रुपये प्रति क्विंटल बिका.
गोटा मूंग 10000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा.
पीला सरसों 11000 से 12000 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया.
15 लीटर धारा सरसों तेल 2550 से 2600 रुपये के बीच बिकता रहा.
आलू 800 से 900 रुपये प्रति क्विंटल और प्याज 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा.
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किसानों और व्यापारियों की अगले सप्ताह पर नजर
मंडी विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मक्का की आवक और चावल की मांग बाजार का रुख तय करेगी. यदि मक्का की आपूर्ति बढ़ती रही तो इसके भाव पर दबाव बना रह सकता है. वहीं चावल की मजबूत मांग जारी रहने पर इसके दाम में और मजबूती आने की संभावना है. किसानों और व्यापारियों को खरीद-बिक्री से पहले रोजाना मंडी भाव पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है.
Saharsa Mandi: क्या करें किसान
विशेषज्ञों का मानना है कि किसान अपनी उपज बेचने से पहले स्थानीय मंडी के ताजा भाव की जानकारी जरूर लें. बाजार के रुझान को समझकर उचित समय पर बिक्री करने से बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
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